ईटानगर, एएनआइ। अरुणाचल प्रदेश के तावांग इलाके में आज सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। सुबह नौ बजकर 46 मिनट पर यह झटके महसूस किए। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 3.0 मापी गई। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने इसकी पुष्टि की है। अभी फिलहाल इन झटकों से किसी भी प्रकार के नुकसान की कोई खबर नहीं आई है।

20 जुलाई को भी आया था भूकंप

बता दें कि इससे पहले 20 जुलाई को भी अरुणाचल प्रदेश में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। सुबह करीब 4:24 मिनट पर अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी कामेंग में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। उस वक्त भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.5 आंकी गई थी। 

कोरोना संकट के दौरान देश के कोने-कोने में लगातार भूकंप के झटकों की खबरें सामने आ रही है हालांकि इन झटकों से किसी भी प्रकार के नुकसान की कोई भी खबर सामने नहीं आई है। पिछले मणिपुर में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे।

क्यों आता है भूकंप?

धरती मुख्य तौर पर चार परतों से बनी हुई है, इनर कोर, आउटर कोर, मैनटल और क्रस्ट। क्रस्ट और ऊपरी मैन्टल को लिथोस्फेयर कहते हैं। ये 50 किलोमीटर की मोटी परत, वर्गों में बंटी हुई है, जिन्हें टैकटोनिक प्लेट्स कहा जाता है। ये टैकटोनिक प्लेट्स अपनी जगह से हिलती रहती हैं लेकिन जब ये बहुत ज्यादा हिल जाती हैं, तो भूकंप आ जाता है। ये प्लेट्स क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर, दोनों ही तरह से अपनी जगह से हिल सकती हैं। इसके बाद वे अपनी जगह तलाशती हैं और ऐसे में एक प्लेट दूसरी के नीचे आ जाती है।

क्यों टकराती हैं प्लेटें?

दरअसल, ये प्लेंटे बेहद धीरे-धीरे घूमती रहती हैं। इस प्रकार ये हर साल 4-5 मिमी अपने स्थान से खिसक जाती हैं। कोई प्लेट दूसरी प्लेट के निकट जाती है तो कोई दूर हो जाती है। ऐसे में कभी-कभी ये टकरा भी जाती हैं।

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