न्यूयार्क, एएनआइ।  विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 76वें सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संबोधन को प्रभावशाली बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में 12 बड़े मुद्दों का उल्लेख किया। इसका जिक्र जयशंकर ने अपने सिलसिलेवार ट्वीट में किया है।

विदेश मंत्री ने कहा कि UNGA में आज प्रधानमंत्री का संबोधन काफी  शक्तिशाली और प्रभावशाली रहा। जयशंकर ने प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन में से उन 12 मुद्दों का जिक्र अपने ट्वीट में बिंदुवार तरीके से किया है।उन्होंने सबसे पहले लोकतंत्र पर दी गई टिप्पणी के बारे में लिखा है कि  लोकतंत्र की जननी का प्रतिनिधित्व करते हुए और अपने स्वयं के अनुभवों के आधार पर प्रधानमंत्री ने पुष्टि की कि लोकतंत्र ही उद्धार कर सकता है और लोकतंत्र ने किया भी है।

भारत का विकास दुनिया का विकास

विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री के शासन की दृष्टि यह है वहां कोई भी पीछे नहीं रहता। इसलिए, एकीकृत और समान विकास की कोशिश हमेशा जारी रहती है। विदेश मंत्री ने वैश्विक प्रगति पर भारत के विकास के प्रभाव के बारे में भी बात की और कहा कि जब भारत बढ़ता है, तो दुनिया बढ़ती है। जब भारत सुधार करता है, तो दुनिया बदल जाती है। विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि पीएम का संबोधन वैश्विक भलाई की विदेश नीति का एक दमदार संदेश था। दुनिया को वैक्सीन की आपूर्ति  फिर से शुरू करना इस संबंध में एक स्पष्ट संकेत है।

अफगानिस्तान और आतंकवाद

प्रधानमंत्री ने दैनिक जीवन में प्रौद्योगिकी की परिवर्तनकारी भूमिका पर भी प्रकाश डाला और लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ प्रौद्योगिकी के महत्व पर जोर दिया। जयशंकर ने अफगानिस्तान पर प्रधानमंत्री की टिप्पणी को भी दोहराया और कहा, अफगानिस्तान को आतंकवादियों द्वारा अपनी धरती का उपयोग करने की अनुमति नहीं देनी चाहिए। न ही इसकी स्थिति का अन्य देशों द्वारा फायदा उठाया जाना चाहिए। अफगान महिलाओं, बच्चों और अल्पसंख्यकों के प्रति विश्व का दायित्व है। अपने अंतिम ट्वीट में, जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र पर कहा कि इस मंच को अपनी प्रभावशीलता और विश्वसनीयता को बढ़ाना चाहिए।

Edited By: Monika Minal