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दुष्यंत गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति को लेकर गरमाई सियासत, कांग्रेस ने गंगटोक में किया प्रदर्शन; CBI जांच पूरी होने तक रोक की मांग

Published: Fri, 16 Oct 2026 09:07 PM (IST)

सिक्किम के लिए नामित राज्यपाल दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति का विरोध हो रहा है, जिसका संबंध उत्तराखंड के अंकिता भंडारी हत्याकांड से है।

दुष्यंत गौतम के खिलाफ गंगटोक में प्रदर्शन

दुष्यंत गौतम के खिलाफ गंगटोक में प्रदर्शन

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डिजिटल डेस्क, गंगटोक। लगातार हो रहे विरोध के बीच सिक्किम के लिए नामित राज्यपाल दुष्यंत कुमार गौतम 19 अक्टूबर 2026 को राज्य के 22वें राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 12 अक्टूबर को उन्हें सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया था।

उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उनकी नियुक्ति का विरोध हो रहा है। विरोध कर रहे लोगों ने मामले की सीबीआई जांच पूरी होने तक नियुक्ति पर पुनर्विचार करने की मांग की है।

वरिष्ठ राजनीतिज्ञ भरत बस्नेत ने कहा कि अंकिता भंडारी केवल उत्तराखंड की बेटी नहीं, बल्कि पूरे भारत की बेटी थी। उन्होंने सवाल उठाया कि दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल ही क्यों नियुक्त किया गया और अंकिता भंडारी हत्याकांड से सिक्किम को जोड़ने की कोशिश क्यों हो रही है जबकि इस मामले से राज्य का कोई संबंध नहीं है।

बस्नेत ने कहा कि राज्यपाल को संविधान के तहत विशेष संरक्षण प्राप्त होता है। ऐसे में उनकी नियुक्ति को लेकर उठ रहे सवालों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संविधान की गरिमा बनाए रखना नागरिकों का दायित्व है और इसी जिम्मेदारी के तहत लोग इस नियुक्ति का विरोध कर रहे हैं।

उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि सामाजिक मर्यादा और जनभावनाओं से जुड़े इस मुद्दे पर पार्टी सामने आकर अपनी बात क्यों नहीं रख रही है। बस्नेत ने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति को बचाने के प्रयास में सिक्किम की प्रतिष्ठा को इस विवाद से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सिक्किम के नागरिकों से इस मामले को गंभीरता से लेने की अपील की।

इधर सिक्किम प्रदेश कांग्रेस ने भी राज्यपाल की नियुक्ति के विरोध में शुक्रवार को गंगटोक स्थित जिला प्रशासनिक केंद्र (डीसी कार्यालय) परिसर में धरना दिया। पार्टी ने अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच पूरी होने तक नियुक्ति पर पुनर्विचार करने की मांग की। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोपाल छेत्री ने भाजपा पर भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे लोगों को संरक्षण देने का आरोप लगाया।

उन्होंने भाजपा की तुलना ऐसी वाशिंग मशीन से की, जिसमें भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे लोगों को शामिल करने के बाद उन्हें पाक-साफ दिखाने की कोशिश की जाती है। छेत्री ने दुष्यंत कुमार गौतम का नाम सिक्किम के राज्यपाल पद के लिए नामित सूची से हटाने की मांग की।

उन्होंने आरोप लगाया कि सिक्किम के नागरिकों के विरोध नहीं करने की धारणा के आधार पर ऐसे व्यक्ति को राज्यपाल नियुक्त किया गया है जिसकी नियुक्ति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस ने इस मामले में सीबीआई जांच पूरी होने तक नियुक्ति पर रोक लगाने और नागरिकों की भावनाओं का सम्मान करने की मांग की।