नई दिल्ली (एजेंसी)। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के पूर्व प्रमुख असद दुर्रानी ने अपनी नई किताब में अमेरिका में कैद अमेरिकी मूल के आतंकी डेविड हेडली को आइएसआइ का मेजर बताया है। यह जानकारी पहली बार एक पाकिस्तानी अफसर के हवाले से सामने आई है। उल्लेखनीय है कि डेविड हेडली ने ही देश में मुंबई और कई अन्य स्थानों पर आतंकी हमलों के लिए रेकी की थी और आतंकी हमले के स्थानों का चुनाव भी उसी ने किया था।

विभिन्न सूत्रों से पहले भी खबरें आती रही हैं कि अमेरिका ने पाकिस्तानी मूल के डेविड हेडली को उसे अपना जासूस बनाकर पाकिस्तान भेजा था। लेकिन वह पाकिस्तान में रहकर अमेरिका से डबलक्रॉस करते हुए आतंकी गतिविधियों में शामिल हो गया था।

दुर्रानी ने अपनी किताब में लिखा है-'मुंबई हमले में चार दिनों का विनाश, 168 लोगों की हत्या ही इसकी वजह नहीं है। पाकिस्तान अपने पूर्वी क्षेत्र में युद्ध का खतरा और उठाने की हालत में नहीं है। देश में पश्चिम में भी कई समस्याएं हैं। मुझे नहीं पता कि यह किसने किया लेकिन सवाल उठ रहे हैं कि आइएसआइ मेजर डेविड हेडली (अमेरिका की गिरफ्त में) ने पाकिस्तान के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं।' हेडली के हाफिज सईद से संबंध होने की रिपोर्ट में दुर्रानी ने लिखा है कि लोग इस बारे में जांच-पड़ताल करा सकते हैं। 

हाफिज सईद पर मुकदमा चलाना पाक को पड़ेगा महंगा 

दुर्रानी ने कहा है कि मुंबई आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ता और प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमात उद दावा के सरगना हाफिज सईद के खिलाफ मुकदमा चलाना पाकिस्तान को बहुत महंगा पड़ेगा। 77 वषर्षीय दुर्रानी ने अपनी नई किताब में लिखा है कि मुंबई पर हमला अकेली ऐसी घटना है जिसके लिए उसने फैसला किया कि वह किसी भी भारतीय और पाकिस्तानी एजेंसी के समक्ष हाजिर होगा और बताएगा कि यह किसने किया है। फिर चाहे वह सरकार की ओर से प्रायोजित हो, आइएसआइ प्रायोजित हो, सेना की ओर से प्रायोजित हो, उसे पकड़ा जाना चाहिए और सजा दी जानी चाहिए। 

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