नई दिल्ली, एजेंसी। देश के कई राज्यों में आंधी-तूफान के साथ हुई बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं में 54 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं और फसलों के साथ ही संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है। सबसे ज्यादा नुकसान राजस्थान में हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मौतों और संपत्ति के नुकसान पर गहरा दुख जताते हुए मदद की घोषणा की है। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि हालात पर नजर रखी जा रही है और केंद्र प्रभावित राज्यों की मदद को तैयार है।

राजस्थान में सर्वाधिक 25 मौतें
आंधी-तूफान और बारिश से राजस्थान में सबसे ज्यादा 25 मौतें हुई हैं। उसके बाद मप्र में 15, गुजरात में 10 और महाराष्ट्र में तीन लोगों की मौत हुई है। वैसे पिछले 72 घंटों में महाराष्ट्र में आंधी-पानी-बिजली गिरने से 11 लोगों की मौत हो चुकी है। इन राज्यों में करो़ड़ों की फसलों व संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है। 

कमलनाथ का पीएम मोदी पर हमला
पीएम नरेंद्र मोदी ने बुधवार सुबह ट्वीट कर गुजरात में मौतों पर दुख जताया और मदद की घोषणा की। इस पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कमलनाथ ने तंज करते हुए ट्वीट किया, 'मोदीजी, आप देश के पीएम हैं, गुजरात के नहीं। मप्र में भी 10 लोग मारे गए हैं, लेकिन आपने सिर्फ गुजरात तक अपनी भावनाएं सीमित रखी हैं। हालांकि आपकी पार्टी की यहां सरकार नहीं है, लेकिन लोग यहां भी रहते हैं।' इसके बाद पीएम मोदी ने गुजरात के सुरेंद्र नगर की सभा में सभी दलों से प्राकृतिक आपदा पर राजनीति नहीं करने की अपील की।

पीएमओ ने स्थिति स्पष्ट की
पीएमओ ने ट्वीट कर स्थिति स्पष्ट की। ट्वीट में कहा गया कि पीएम नरेंद्र मोदी ने मप्र, राजस्थान, मणिपुर व देश के विभिन्न हिस्सों में बेमौसम बारिश से नागरिकों की मौतों पर संवेदना प्रकट की है। प्रत्येक मृतक के आश्रित को दो-दो लाख रपए व घायलों को 50-50 हजार की सहायता पीएम आपदा राहत कोष से दी जाएगी। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी कहा कि सरकार हालात पर नजर रखे हुए है। वह प्रभावित राज्यों को हरसंभव मदद देगी।

भाजपा सांसद ने भी दिया जवाब
कमलनाथ के ट्वीट पर भाजपा के राज्यसभा सांसद और मीडिया सेल के हेड अनिल बलूनी ने भी जवाब दिया। उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'कमलनाथ को प्रक्रिया पता है कि प्राकृतिक आपदा की राज्य सरकार को पहले केंद्र को सूचना देना पड़ती है, फिर राहत मिलती है। ऐसा करने की बजाए वह ट्वीट कर त्रासदी पर राजनीति कर रहे हैं।'

पंजाब-हरियाणा में फसल तबाह
मंगलवार देर रात उत्तर भारत के कई राज्यों में आंधी तूफान ने सबसे ज्यादा किसानों को नुकसान पहुंचाया है। पंजाब में बुधवार को भी बारिश होती रही। पंजाब के फिरोजपुर, फाजिल्का, अबोहर, फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, मानसा, अमृतसर, तरनतारन और जालंधर में तेज हवाओं व व बारिश ने गेहूं की तैयार फसल तबाह कर दी है। जैतो, मलोट, अमृतसर, फिरोजपुर, फरीदकोट आदि जिलों में बारिश के साथ--साथ तेज आंधी और ओलावृष्टि भी हुई है।

Posted By: Nitin Arora