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क्या है Quantum Key Distribution प्लेटफॉर्म? DRDO ने किया सफल परीक्षण

Published: Wed, 14 Oct 2026 10:56 PM (IST)

डीआरडीओ ने ओडिशा के चांदीपुर टेस्ट रेंज में क्वांटम की डिस्ट्रिब्यूशन (QKD) प्लेटफॉर्म का सफल परीक्षण किया है।

DRDO ने किया क्वांटम की डिस्ट्रिब्यूशन प्लेटफॉर्म का सफल परीक्षण (फोटो-@DRDO_India/X)

DRDO ने किया क्वांटम की डिस्ट्रिब्यूशन प्लेटफॉर्म का सफल परीक्षण (फोटो-@DRDO_India/X)

HighLights

  1. DRDO ने चांदीपुर में क्वांटम की डिस्ट्रिब्यूशन प्लेटफॉर्म का सफल परीक्षण किया।

  2. यह तकनीक हथियारों के परीक्षण के संवेदनशील डेटा को सुरक्षित रखेगी।

  3. क्यूकेडी सिस्टम अनधिकृत जानकारी सुनने का पता लगाने में सक्षम है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। हथियारों के परीक्षण के दौरान उसके डेटा को सुरक्षित रखने को लेकर भारत ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) ने ओडिशा में चांदीपुर टेस्ट रेंज के ऑपरेशनल नेटवर्क पर अपने क्वांटम की डिस्ट्रिब्यूशन (क्यूकेडी) प्लेटफॉर्म का टेस्ट किया है।

इससे आर्टिलरी और आर्मर्ड हथियारों के टेस्ट के दौरान मिलने वाले रियल-टाइम डाटा को सुरक्षित किया गया है। इसके साथ ही क्वांटम एन्क्रिप्शन अब फील्ड ट्रायल से आगे बढ़कर एक लाइव मिलिट्री नेटवर्क तक पहुंच गया है।

क्या है Quantum Key Distribution?

डीआरडीओ ने कहा कि उसने प्रूफ एंड एक्सपेरिमेंटल एस्टेब्लिशमेंट चांदीपुर में डायनामिक टेस्ट रेंज के लाइव नेटवर्क में एक क्वांटम की डिस्ट्रिब्यूशन प्लेटफॉर्म को सफलतापूर्वक कॉन्फिगर और टेस्ट किया है। यह आर्टिलरी और आर्मर्ड हथियारों के टेस्ट और मूल्यांकन से जुड़ी रियल-टाइम अहम जानकारियों और टेलीमेट्री को सुरक्षित करने में क्यूकेडी के बेहतरीन इस्तेमाल को दिखाता है।"

टेलीमेट्री, टेस्ट के दौरान सेंसर से मिलने वाली रीडिंग (जैसे गोले की रफ्तार, उसका रास्ता और टकराने की जगह) का डाटा होता है। इस डाटा से पता चलता है कि हथियार कैसा काम करता है, इसलिए जासूसों की नजर इस पर रहती है। खास बात यह है कि यह सुरक्षा के साथ ही अनधिकृत रूप से जानकारी सुनने का पता लगाने की सुविधा भी देगा।

क्वांटम की डिस्ट्रिब्यूशन खास तकनीक का इस्तेमाल करके क्रिप्टोग्राफिक की-मटीरियल बनाने और उसे बांटने के लिए क्वांटम मैकेनिकल सिस्टम की अनोखी खूबियों का इस्तेमाल करता है।

क्यूकेडी में किसी छिपकर सुनने वाले की मौजूदगी का पता लगाया जा सकता है। यह सुविधा स्टैंडर्ड क्रिप्टोग्राफी में नहीं मिलती है। क्वांटम कम्युनिकेशन ऐसा एन्क्रिप्शन उपलब्ध कराता है, जिसे तोड़ना मूल रूप से असंभव है।

इस वजह से यह दोहरे उपयोग वाली तकनीक है, जिसका इस्तेमाल रक्षा, वित्त और दूरसंचार जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में डाटा सुरक्षित करने के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संचार की रक्षा के लिए भी किया जा सकता है।

(समाचार एजेंसी एएनआइ के इनपुट के साथ)

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