भुवनेश्‍वर, एएनआइ। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (Defence Research and Development Organisation, DRDO) ने सोमवार को ओडिशा तट से जमीन पर मार करने वाली ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया। बता दें कि 8.4 मीटर लंबी और 0.6 मीटर चौड़ी यह मिसाइल 300 किलोग्राम वजन तक विस्फोटक ले जाने में सक्षम है। मिसाइल का वजन तीन हजार किलोग्राम है और 350 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम है। यह आवाज की गति से भी 2.8 गुना तेज गति से मार करती है। 

इस मिसाइल को किसी भी दिशा में लक्ष्य करके छोड़ा जा सकता है। यह घनी शहरी आबादी में भी छोटे लक्ष्यों को सटीकता से भेदने में सक्षम है। दो चरणीय मि‍साइल में ठोस प्रोपेलेट बुस्टर और एक तरल प्रोपेलेट रैम जैम सिस्टम लगा है। ब्रह्मोस का पहला परीक्षण 12 जून 2001 को चांदीपुर से किया गया था। इसकी सटीकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह जमीनी लक्ष्य को 10 मीटर की ऊंचाई तक से भेद सकती है। यह मिसाइल पहले ही सेना में शामिल कर ली गई है। 

Posted By: Krishna Bihari Singh

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