तिरुवनंतपुरम, एएनआई। केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने बुधवार को बीबीसी की विवादास्पद डाक्यूमेंट्री रिलीज करने की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब भारत जी-20 की अध्यक्षता कर रहा है तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में जानबूझकर ऐसे विवाद खड़े किए जा रहे हैं।

दुनिया का नेतृत्व कर रहा भारत

तिरुवनंतपुरम में मीडियाकर्मियों से बातचीत में उन्होंने कहा कि डॉक्यूमेंट्री बनाने वाले विदेशी इस बात से परेशान हैं कि भारत की छवि विश्व नेता के रूप में उभरी है। डाक्यूमेंट्री रिलीज की टाइमिंग को लेकर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि आखिर इसे रिलीज करने के लिए यही समय क्यों चुना गया, जब भारत जी-20 की अध्यक्षता करने वाला है। उनके अनुसार, स्वतंत्रता के समय कुछ लोग ऐसी भविष्यवाणियां कर रहे थे कि भारत अपनी स्वतंत्रता और लोकतंत्र को अक्षुण्ण नहीं रख पाएगा और देश के टुकड़े हो जाएंगे। यह डॉक्यूमेंट्री भी भारत के प्रति ऐसी ही सोच रखने वाले लोगों ने बनाई है। ऐसे लोग आज भी भारत को इसी मानसिकता से देख रहे हैं, भले ही भारत आज सशक्त देश के रूप में उभरने के साथ दुनिया का नेतृत्व कर रहा है।

जी20 की अध्यक्षता कर रहा भारत

भारत 1 दिसंबर, 2022 से लेकर 30 नवंबर, 2023 तक जी20 की अध्यक्षता संभालेगा। इसी बीच 15 अगस्त, 2022 को देश के 75वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भारत का 25 वर्ष चलने वाला "अमृतकाल" भी शुरू हो जाएगा। इस वर्ष सितंबर में होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन में 43 प्रतिनिधिमंडल प्रमुख शामिल होंगे।

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राज्यपाल ने सख्त लहजे में अपनी बात रखते हुए कहा कि औपनिवेशिक आकाओं को सुप्रीम कोर्ट से महत्वपूर्ण मानने वाले लोग हेय दृष्टि से देखे जाने के पात्र हैं। उन्होंने इस पर आश्चर्य जताया कि कुछ लोग सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बजाय डॉक्यूमेंट्री बनाने वाले विदेशी लोगों की राय को अधिक महत्व दे रहे हैं।

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Edited By: Anurag Gupta

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