कोयंबटूर, एएनआइ। कोयंबटूर में डॉक्टरों ने एक असंभव से इलाज को संभव कर दिया है। यहां अस्पताल में डॉक्टरों ने महिला के इलाज के दौरान 33.5 किलो का एक ओवेरियन ट्यूमर सफलतापूर्वक निकाला है। रोगी वसंथा ऊटी की रहने वाली है और एक कृषि मजदूर है। शुरुआत में जब वसंथा के पेट का आकार बढ़ने लगा, तो उसने ध्यान नहीं दिया था, क्योंकि उन्हें इसकी वजह से दर्द या बैचेनी जैसी कोई शिकायत नहीं थी। लेकिन समय के साथ पेट का आकर बढ़ता ही गया और कुछ समय के बाद उसे पेट में दर्द की शिकायत भी होने लगी। जब वसंथा का टेस्ट कराया गया, तो डॉक्टरों ने पाया कि उन्हें ओवेरियन ट्यूमर है। हालांकि डॉक्टरों ने वसंथा के जीवित रहने की संभावनाओं का हवाला देते हुए एक शल्य चिकित्सा से इंकार कर दिया था।

वसंथा ने बताया 'मुझे बहुत ज्यादा दर्द हो रहा था, वह दिन-प्रतिदिन असहनीय होता जा रहा था। मैं चल नहीं पा रही थी और ना ही भोजन कर पा रही थी। मुझे सांस लेने में भी दिक्कत हो रही थी। जब मुझसे सहा नहीं गया, तो मैं डॉक्टर के पास गई। कोयंबटूर में स्थित अस्पताल में इलाज कराया गया, जहां ट्यूमट को निकाला गया।'

वसंथा का इलाज करने वाले डॉक्टर सेंथिल कुमार ने बताया 'जब वसंथा यहां आई थी, वह बहुत परेशान थी। वह चल नहीं पा रही थी और सांस लेने में समस्या हो रही थी। डॉक्टर ने बताया कि वसंथा इलाज कराने के लिए तैयार नहीं थी, क्योंकि उसे डर था कि अगर उसका ऑपरेशन किया जाएगा, तो वो बच नहीं पाएगी। हमने वसंथा के चेकअप किए। हमने पाया कि ट्यूमर बहुत बड़ा था, और वो पेट तक फैल चुका था। करीब तीन घंटे की सर्जरी के बाद ट्यूमर को निकाला गया।'

डॉक्टर ने आगे बताया कि रोगी का वजन पहले 75 किलो था और निकाले गए ट्यूमर का वजन 33.5 किलो पाया गया। बायोप्सी के लिए भेजने के बाद, हमें पता चला कि यह ओवेरियन कैंसर था। डॉक्टरों ने इस ऑपरेशन के बाद विश्व रिकॉर्ड बनाने का दावा किया है। उनका कहना है कि ये पूरी दुनिया में सबसे भारी ट्यूमर है। यह रिकॉर्ड है, जिसे हमने बनाया है। भारत में अब तक निकाले गए ट्यूमर का अधिकतम वजन 20 किलोग्राम है। हमें भारतीय बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशियाई बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से पहले ही स्वीकृति और प्रमाणीकरण मिल चुका है। जिसके बाद हमने इसे वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के लिए भेजा है।

डॉक्टरों ने बताया कि रोगी वसंथा अब ठीक है और उसे सर्जरी के तीसरे तीन बाद डिचार्ज कर दिया गया था। ट्यूमर निकाने के बाद वसंथा का किल 75 किलो से कम होकर 41 किलो हो गया है।

Posted By: Arti Yadav