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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 24, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

देश के इस पहले प्राइवेट रेलवे स्‍टेशन को जानते हैं आप? सुविधाएं देख भूल जाएंगे एयरपोर्ट को...

By Shashank MishraEdited By: Shashank Mishra
Published: Sat, 24 Jun 2023 01:20 AM (IST)

PM मोदी ने 15 नवंबर 2021 को मध्य प्रदेश में भारत के पहले विश्व स्तरीय निजी रेलवे स्टेशन का उद्घाटन ...और पढ़ें

रानी कमलापति रेलवे स्टेशन भारत का पहला प्राइवेट रेलवे स्टेशन है, जिसे PPP मॉडल के तहत बनाया गया है।
रानी कमलापति रेलवे स्टेशन भारत का पहला प्राइवेट रेलवे स्टेशन है, जिसे PPP मॉडल के तहत बनाया गया है।

HighLights

  1. रानी कमलापति रेलवे स्टेशन को लगभग ₹100 करोड़ की लागत से बनाया गया है।
  2. रानी कमलापति रेलवे स्टेशन जर्मनी के हीडलबर्ग रेलवे स्टेशन की तर्ज पर बनाया गया है।
  3. 3. रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर 1100 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था है।
  4. 4. दिलचस्प बात यह है कि रानी कमलापति रेलवे स्टेशन सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत बनने वाला भारत का पहला रेलवे स्टेशन है।

नई दिल्ली, शशांक शेखर मिश्रा। Rani Kamlapati Railway Station। Indian Railways इन दिनों तेजी से तरक्की कर रहा है। जिसके तरह स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है और सेमी हाईस्पीड ट्रेनें चलाई जा रही हैं। इसी कड़ी में देश में पहला निजी (Private) रेलवे स्टेशन भी बन चुका है। इस हाई टेक स्टेशन पर वर्ल्ड क्लास फैसिलिटीज मौजूद हैं।

Indian Railways Development Corporation के अनुसार Rani Kamlapati Railway Station को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) के माध्यम से विकसित किया गया है। देखने में ये स्टेशन किसी शानदार होटल से कम नहीं लगता है। आइए जानते हैं कैसा है देश का पहला निजी रेलवे स्टेशन..........

भारत का पहला प्राइवेट रेलवे स्टेशन

देश का पहला निजी रेलवे स्टेशन हबीबगंज है, जिसे अब रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के नाम से जाना जाता है। 13 नवंबर 2021 को इस स्टेशन का नाम हबीबगंज से बदलकर रानी कमलापति रेलवे स्टेशन कर दिया गया था। ये स्टेशन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में है। IRDC के अनुसार, इस रेलवे स्टेशन को पीपीपी मॉडल के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रिडेवलप किया गया है। इंडियन रेलवे ने इस स्टेशन को विकसित करने की जिम्मेदारी बंसल ग्रुप को दी थी। स्टेशन को बनाने के साथ-साथ आठ सालों तक इसके रखरखाव और संचालन की जिम्मेदारी भी बंसल ग्रुप के पास ही है।

रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर कई प्रकार की सुविधाएं, जैसे शॉपिंग स्टोर, रेस्तरां, केटरिंग शॉप और पार्किंग आदि शामिल हैं। इस स्टेशन पर महिला यात्रियों के लिए अलग से अन्य सुविधाएं भी दी गई हैं। इस स्टेशन पर एनर्जी के लिए सोलर पैनल लगाए गए हैं, जिससे प्राप्त ऊर्जा को स्टेशन के कार्यो में इस्तेमाल किया जाता है। ट्रेनों की आवाजाही की जानकारी के लिए पूरे स्टेशन पर अलग-अलग भाषाओं के डिस्प्ले बोर्ड लगाए गए हैं।

रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर आपको सांची स्तूप, भोजपुर मंदिर, बिड़ला मंदिर, तवा बांध, जनजातीय संग्रहालय जैसे विश्व धरोहरों की झलक भी देखने को मिलती है। रानी कमलापति रेलवे स्टेशन को इस प्रकार बनाया गया है कि किसी भी तरह की आपातकालीन स्थिति में यात्रियों को स्टेशन से सिर्फ 4 मिनट में ही बाहर निकाला जा सकता है।

रानी कमलापति रेलवे स्टेशन की कुछ खास बातें......

  • मध्य प्रदेश में रानी कमलापति रेलवे स्टेशन सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) योजना के तहत संचालित होने वाला भारत का पहला रेलवे स्टेशन है।
  • मार्च 2017 में हस्ताक्षरित पीपीपी समझौते के तहत रानी कमलापति रेलवे स्टेशन रेलवे को ब्राउनफील्ड परियोजना के रूप में बनाया गया था।
  • रानी कमलापति रेलवे स्टेशन (हबीबगंज रेलवे स्टेशन) का संचालन बंसल ग्रुप द्वारा किया जाता है।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 नवंबर 2021 को सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्यम से बनाए गए रानी कमलापति रेलवे स्टेशन (हबीबगंज रेलवे स्टेशनों) का उद्घाटन किया था।
  • रानी कमलापति रेलवे स्टेशन (हबीबगंज स्टेशन) पर 162 हाई रिजोल्यूशन कैमरे भी लगाए गए है।
  • इस स्टेशन पर आग बुझाने के लिए सीएफसी से मुक्त एचवीएसी, अग्निशामक और सप्रेसन सिस्टम भी लगाए गए है।
  • यात्रियों के लिए रेस्टोरेंट, एसी रूम, एसी लाउंज और सुविधासंपन्न रिटायरिंग रूम भी इस स्टेशन पर मौजूद है।

PPP मॉडल से तैयार होंगे ये स्टेशन

इंडियन रेलवे स्टेशन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (IRDC) इस समय पूरे देश में 7 रेलवे स्टेशनों का रिडेवलपमेंट कर रहा है। इनमें चंडीगढ़, पुणे का शिवाजीनगर, नई दिल्ली के बिजवासन, आनंद विहार, गुजरात का सूरत, पंजाब का एसएएस नगर (मोहाली) और गुजरात का गांधीनगर शामिल है।