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परिसीमन पर CM विजय की बैठक का बहिष्कार करेगी DMK और AIADMK, कनिमोझी ने कहा- यह सिर्फ दिखावा

Published: Sat, 08 Aug 2026 01:32 PM (IST)Updated: Sat, 08 Aug 2026 01:33 PM (IST)

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय द्वारा बुलाई गई परिसीमन बैठक का DMK और AIADMK ने बहिष्कार किया है। DMK सांसद कनिमोझी ...और पढ़ें

सीएम विजय द्वारा बुलाई परिसीमन बैठक से DMK-AIADMK ने बनाई दूरी (फाइल फोटो- PTI)

सीएम विजय द्वारा बुलाई परिसीमन बैठक से DMK-AIADMK ने बनाई दूरी (फाइल फोटो- PTI)

HighLights

  1. CM विजय की परिसीमन बैठक का DMK-AIADMK ने बहिष्कार किया

  2. कनिमोझी ने इसे कावेरी-मेकेदातु मुद्दों से ध्यान भटकाने वाला बताया

  3. राज्य के 57 में से केवल 20 सांसद ही बैठक में शामिल होंगे

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने आज शनिवार 8 अगस्त को परिसीमन के मुद्दे पर चर्चा के लिए एक बैठक बुलाई है। सीएम विजय द्वारा बुलाई गई सांसदों की बैठक से DMK और AIADMK ने दूरी बना लिया है।

इस बैठक के बहिष्कार का नेतृत्व DMK कर रही है, जिसके सभी 30 सांसद बैठक से दूरी बना ली है। मुख्य विपक्षी पार्टी AIADMK ने भी अपने चार सांसदों के साथ इस कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी है। बहिष्कार में शामिल अन्य पार्टियों में PMK, MNM और DMDK शामिल हैं, जिनका एक-एक सांसद है।

57 में सिर्फ 20 सांसदों के शामिल होने की उम्मीद

यह बैठक CM विजय ने प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया पर राज्य की ओर से एक साझा रुख तय करने के लिए बुलाई थी। राज्य के 57 सांसदों में से केवल 20 के ही इस बैठक में शामिल होने की उम्मीद है, जबकि 37 ने इससे दूर रहने का फैसला किया है।

डीएमके की राज्यसभा सांसद कनिमोझी ने इस बैठक के बहिष्कार का एलान किया और कहा कि कावेरी जल विवाद और मेकेदातु बांध के मुद्दे से ध्यान भटकाने वाला "ढोंग" और "दिखावा" करार दिया। उन्होंने तर्क दिया कि जब सभी राजनीतिक दल सर्वदलीय बैठकों के जरिए परिसीमन पर अपना रुख पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं, तो फिर से बैठक बुलाने का कोई औचित्य नहीं है।

कनिमोझी ने मुख्यमंत्री द्वारा बुलाई गई बैठक के समय और आवश्यकता पर सवाल उठाते हुए X पर एक पोस्ट में लिखा, "हमारे नेता स्टालिन के नेतृत्व वाली डीएमके तमिलनाडु के प्रतिनिधित्व की सुरक्षा और निष्पक्ष परिसीमन की आवश्यकता के संबंध में अपने पूर्व रुख पर अडिग है।

केंद्र सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है कि परिसीमन विधेयक मौजूदा संसदीय सत्र में पारित किया जाएगा। इसके अलावा, संशोधित मसौदा विधेयक अभी तक हमें उपलब्ध नहीं कराया गया है।"

हमने पहले ही स्पष्ट कर दिया है रुख

उन्होंने आगे कहा, "हमने पिछली सर्वदलीय बैठकों में पारित प्रस्तावों के माध्यम से इस मामले पर तमिलनाडु का रुख पहले ही स्पष्ट कर दिया है। चूंकि जिन दलों ने सर्वसम्मति से उन प्रस्तावों को अपनाया था, वे अभी भी उसी रुख पर कायम हैं, तो मुख्यमंत्री द्वारा बुलाई गई बैठक की क्या आवश्यकता है? क्या इसका उद्देश्य उन दलों को अपना स्थापित रुख बदलने के लिए राजी करना है?"

डीएमके सांसद कनिमोझी ने पोस्ट कर पूछा, "यदि किसानों के लिए वाकई चिंता है, तो क्या मुख्यमंत्री तमिलनाडु सरकार के प्रतिनिधियों को राज्य के सांसदों के साथ केंद्रीय जल संसाधन मंत्री से व्यक्तिगत रूप से मिलने और विधानसभा में पारित किए गए मेकेदातु बांध के खिलाफ प्रस्ताव को प्रस्तुत करने के लिए तैयार हैं?"

गौरतलब है कि डीएमके कावेरी और मेकेदातु बांध मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक की मांग कर रही है और इस मांग को नजरअंदाज करने के लिए विजय सरकार पर हमला कर रही है। शुक्रवार को जब विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने मेकेदातु का मुद्दा उठाया, तो मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि कावेरी मुद्दे पर कर्नाटक के साथ बातचीत करने का प्रस्ताव रखा हूं। (समाचार एजेंसी के इनपुट के साथ)