गुवाहाटी [जासं] परेश बरुवा के नेतृत्व वाले उल्फा गुट ने उल्फा-आइ [इंडीपेंडेंट] के नाम से अलग संगठन बना लिया है। इसके साथ ही उल्फा का औपचारिक विभाजन हो गया।

दरअसल, उल्फा अध्यक्ष अरविंद राजखोवा गुट के शांतिवार्ता में शामिल हो जाने के बाद ही संगठन में विभाजन की रेखा खिंच गई थी। उल्फा वार्ता विरोधी गुट के स्वयंभू मुख्य सेनाध्यक्ष परेश बरुवा ने अपने साथियों के साथ वार्ता में शामिल होने से इन्कार कर दिया था। कुछ दिनों के बाद परेश गुट ने अभिजीत असम को संगठन का नया प्रभारी अध्यक्ष घोषित कर दिया था। जिसे राजखोवा ने संगठन विरोधी कदम बताकर आलोचना की थी। राजखोवा लगातार यह कह रहे थे कि संगठन का विभाजन नहीं हुआ है, लेकिन ताजा घटनाक्रम में परेश ने न केवल संगठन का नाम बदल लिया, बल्कि अभिजीत को संगठन का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है। इसपर राजखोवा ने कहा है कि परेश ने अपना अलग गुट बना लिया जिसे अब उल्फा से कोई लेना देना नहीं है।

परेश गुट के अनुसार उसके संगठन का नाम संयुक्त मुक्ति वाहिनी, असम [स्वाधीन] होगा, जिसे अंग्रेजी में यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ आसाम [इंडीपेंडेंट] कहा जाएगा। संगठन में कई बदलाव भी किए गए हैं।

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