बैतूल, स्टेट ब्यूरो। मध्य प्रदेश में बैतूल जिले के ग्राम बटकीडोह में सोमवार शाम को एक किसान ने श्मशान घाट में लगे महुआ के पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उसके भाई ने पुलिस को बताया कि सहकारी समिति का कर्ज जमा नहीं करने से वह परेशान था। उसे राज्य की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की कर्जमाफी योजना का भी लाभ नहीं मिल सका था।

फसल खराब होने की वजह से किसान कर्ज की अदायगी नहीं कर पाया

चोपना थाने की पुलिस के अनुसार श्रीनिवास सरकार ने सोमवार को आत्महत्या कर ली। उसके भाई विभाग सरकार ने बताया कि हम चार भाई संयुक्त परिवार में रहते हैं और कुल पांच एकड़ कृषि भूमि है। श्रीनिवास ने सहकारी समिति चोपना से जून 2018 में खरीफ फसल के लिए 37 हजार 800 रुपये का कर्ज लिया था। फसल खराब होने की वजह से वह कर्ज की अदायगी नहीं कर पाया।

पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की कर्जमाफी का नहीं मिला था लाभ

विभाग सरकार ने बताया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा मार्च 2018 तक के ही कर्ज माफ करने के कारण उसे लाभ नहीं मिल पाया था।

कर्ज नहीं जमा करने से वह डिफाल्टर हो गया

कर्ज नहीं जमा करने से वह डिफाल्टर हो गया और उसे नया कर्ज भी नहीं मिल पा रहा था। उसने कुछ दिन तेंदूपत्ता भी तोड़े और गांव में बन रहे तालाब में मजदूरी भी की थी।

महुआ के पेड़ पर फंदा बनाकर फांसी लगा ली

स्वजनों ने बताया कि सोमवार को वह सुबह से घर से चला गया था। शाम तक न आने पर जब तलाश की तो नदी किनारे श्मशान घाट के पास महुआ के पेड़ से उसकी लाश लटकी दिखाई दी। उसने श्मशान घाट में पड़ी धोती से महुआ के पेड़ पर फंदा बनाकर फांसी लगा ली। चोपना थाने के प्रधान आरक्षक सुरेश पांडे ने बताया कि स्वजनों ने कर्ज के कारण परेशान होकर आत्महत्या करने के बयान दिए हैं, जिसके आधार पर विवेचना की जा रही है। 

Posted By: Bhupendra Singh

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस