नई दिल्ली, पीटीआइ/आइएएनएस। 16वीं लोकसभा के भंग होने के साथ ही विवादित नागरिकता संशोधन विधेयक और तत्काल तीन तलाक (तलाक ए बिद्दत) विधेयक कालातीत (लैप्स) हो गए हैं क्योंकि वर्तमान सरकार के पिछले संसद सत्र यानी बजट सत्र में भी उक्त दोनों विधेयकों को राज्यसभा से पारित नहीं किया जा सका था।

वर्तमान लोकसभा का कार्यकाल तीन जून को समाप्त होना था, लेकिन चुनाव प्रक्रिया पूरी हो जाने की वजह से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को ही निचले सदन को भंग कर दिया था। 17वीं लोकसभा का पहला सत्र छह से 15 जून तक आयोजित होने की संभावना है। इसके बाद बजट सत्र का आयोजन होगा और नई सरकार द्वारा 10 जुलाई को पूर्ण बजट पेश किए जाने की संभावना है।

बता दें कि अगर कोई विधेयक राज्यसभा में पेश किया जाता है और वह उच्च सदन में ही लंबित रहता है तो लोकसभा भंग होने से वह कालातीत (लैप्स) नहीं होता। लेकिन अगर कोई विधेयक लोकसभा में पेश किया जाता है और वहां से पारित होने के बाद राज्यसभा में लंबित होता है तो लोकसभा भंग होने के साथ ही वह विधेयक भी कालातीत (लैप्स) हो जाता है। राज्यसभा में गैर राजग पार्टियां बहुमत में हैं और वे दोनों ही विधेयकों का विरोध कर रही हैं।

मेनका या संतोष गंगवार हो सकते हैं प्रोटेम स्पीकर
17वीं लोकसभा के पहले सत्र में पहला एजेंडा सदन के नए सदस्यों का शपथ ग्रहण होगा। पहले दो दिन इसके लिए ही आवंटित किए जाने की संभावना है। यह शपथ प्रोटेम स्पीकर द्वारा दिलाई जाएगी जो सदन का सबसे वरिष्ठ (सदन के लिए सबसे ज्यादा बार चुना गया) सदस्य होता है। इस लिहाज से भाजपा सदस्य संतोष गंगवार और मेनका गांधी इसके लिए सबसे योग्य हैं क्योंकि दोनों ही लोकसभा के लिए आठ बार निर्वाचित हो चुके हैं।

अगर उन्हें मंत्री पद की शपथ दिलाई गई तो भाजपा के वीरेंद्र कुमार या सपा के मुलायम सिंह यादव प्रोटेम स्पीकर बनाए जा सकते हैं क्योंकि दोनों सात-सात बार सदन के लिए निर्वाचित हो चुके हैं। लोकसभा स्पीकर का चुनाव 10 जून को होने की संभावना है। 11 जून को राष्ट्रपति संसद को संबोधित कर सकते हैं।

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Posted By: Dhyanendra Singh

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