नई दिल्ली, एएनआइ। नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट पोस्ट ग्रेजुएट (नीट पीजी) काउंसलिंग में देरी को लेकर रेजिडेंट डाक्टरों की हड़ताल जारी है। अब स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय ने विरोध करने वाले डॉक्टरों से अपील करते हुए हड़ताल बंद करने को कहा है। महानिदेशालय ने कहा,' मैं एक बार फिर आपसे ड्यूटी पर लौटने और स्वास्थ्य मंत्रालय को समर्थन देने की अपील करता हूं, जो न्यायाधीन मामले को सुलझाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।' साथ ही कहा कि ड्यूटी पर लौटने से सबसे चुनौतीपूर्ण समय में देश को बहुत मजबूत संदेश मिलेगा। खासकर देश के गरीब और आम लोगों के लिए लिए बेहद की सार्थक कदम होगा।

उधर, नीटी पीजी2021 काउंसलिंग में देरी के खिलाफ FORDA ने साफ कर दिया है कि जब तक समाधान नहीं निकलेगा तब तक हड़ताल जारी रहेगी। बता दें कि बाद बीते दिन केंद्रीय स्वास्थ मंत्री मनसुख मंडाविया के साथ डॉक्टरों की बैठक हुई, लेकिन कोई उचित समाधान पर ना पहुंचने के कारण डॉक्टरों ने अपनी हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया है। फेडरेशन फॉर रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (FORDA) के मुताबिक, डॉक्टरों की बैठक पहले भी 27 नवंबर को हुई थी, जिसमें केंद्रीय स्वास्थ मंत्री द्वारा मौखिक आश्वासन दिया गया था। जिसके बाद प्रदर्शन को लगभग खत्म कर दिया था, लेकिन उस आश्वासन पर सरकार खरी नहीं उतरी इसलिए इमरजेंसी सर्विस भी बंद करी दी गई थी।

बता दें कि देशभर में नीट पीजी काउंसलिंग में हो रही देरी के विरोध में रेसिडेंट डॉक्टर्स हड़ताल पर हैं। डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से ओपीडी सेवाएं प्रभावित हो रही हैं जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रेजिडेंट डॉक्टरों ने इसको लेकर अब ताजा जानकारी दी है कि छह दिसंबर से देश भर में इनकी मांग का असर दिखेगा। रेजिडेंट डाक्टरों के संगठन फेडरेशन आफ रेजिडेंट डाक्टर्स एसोसिएशन (फोरडा) की ओर से मिली जानकारी के अनुसार छह दिसंबर से देशभर के अधिकर बड़े अस्पतालों में इमरजेंसी सेवा बंद रहेगी। फोरडा ने इस बाबत स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया को पत्र लिखकर भी मांग की है कि नीट की काउंसलिंग जल्द कराई जाए नहीं तो इमरजेंसी सेवा भी बंद कर दी जाएगी।

Edited By: Pooja Singh

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