जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। दूर-दराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक डिजिटल विश्वविद्यालय के जरिए अच्छी और सस्ती उच्च शिक्षा मुहैया कराने की पहल को अकेले भारत ही बल्कि दुनिया के दूसरे देश भी कौतूहल के साथ देख रहे है। फिलहाल इस अनूठे डिजिटल विश्वविद्यालय की तैयारियां जिस रफ्तार से चल रही है, उसके देखते यह माना जा रहा है कि जुलाई 2023 से यह शुरू हो सकता है। इस बीच दुनिया के दर्जन भर से ज्यादा देशों ने प्रस्तावित डिजिटल विश्वविद्यालय और डिजिटल माध्यम से शिक्षा देने की पहल को लेकर भारत से संपर्क साधा है।

इनमें बड़ी संख्या में अफ्रीकी देश भी शामिल है। इस बीच डिजिटल विश्वविद्यालय पर काम कर रहे शिक्षा मंत्रालय और यूजीसी से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक इस पूरा खाका तैयार कर लिया गया है। इसके तहत इसके प्रमुख केंद्र आइआइटी मद्रास, दिल्ली विश्वविद्यालय और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) होंगे। इसके अलावा इस विश्वविद्यालय का फोकस सिर्फ देश के बच्चों की अच्छी और सस्ती उच्च शिक्षा देने को लेकर नहीं होगा बल्कि इसके दायरे में दुनिया भर के देशों को भी शामिल किया जाएगा। वैसे भी जिस तरह से दुनिया के कई देशों ने इसे लेकर जिस तरह से रूचि जताई है, उसे देखते हुए शिक्षा मंत्रालय ने अपनी तैयारी तेज की है।

इस बीच शिक्षा मंत्रालय के साथ मारीशस, तंजानिया, घाना, जिम्बांबे, मलावी और लाओस आदि देशों के डिजिटल विश्वविद्यालय और डिजिटल शिक्षा को लेकर उच्च स्तरीय बातचीत भी हो चुकी है। इस देशों ने अपनी जरूरत भी बताई है। जिसके तहत वह उच्च शिक्षा से वंचित अपने दूर-दराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को डिजिटल तकनीक के जरिए पढ़ाना चाहती है। इन सभी देशों की भारत को लेकर रूचि इसलिए भी है, क्योंकि भारत में उन्हें कम खर्च में ही गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा मिलने का भरोसा है। दूसरे देशों की ओर से रुख करने से उन्हें ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ेगा।

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मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक प्रस्तावित डिजिटल विश्वविद्यालय के जरिए इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट जैसे सभी तरह के कोर्स संचालित होंगे। साथ ही स्किल डेवेलपमेंट से जुड़े कोर्स भी संचालित होंगे। गौरतलब है कि देश में डिजिटल विश्वविद्यालय खोलने का ऐलान सरकार ने पिछले बजट में किया गया था। इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा के नामांकन दर को बढ़ाना है। तभी से इसके गठन और स्वरूप को लेकर काम चल रहा है। मंत्रालय से जुड़ी टीमें इसे लेकर दुनिया के ऐसे कई देशों की दौरा भी कर चुकी है, जहां बड़े स्तर पर डिजिटल शिक्षा का काम चल रहा है।

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Edited By: Shashank Mishra

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