नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। डीजल की कीमत में अब हर महीने वृद्धि होगी। आपको अगले 22 महीनों तक इस वृद्धि के बोझ को वहन करना पड़ सकता है। अमूमन यह मासिक वृद्धि 50 पैसे प्रति लीटर होगी। सरकार ने पिछले महीने इस बारे में जो फैसला किया है उसमें किसी तरह के बदलाव की संभावना फिलहाल नहीं है। पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली ने शुक्रवार को इस बारे में स्पष्ट करते हुए कहा कि अगले आदेश तक तेल कंपनियां डीजल को हर महीने महंगा कर सकेंगी। यह वृद्धि तब तक जारी रहेगी जब तक डीजल पर तेल कंपनियों का घाटा एकदम खत्म न हो जाए।

मोइली के इस स्पष्टीकरण का मतलब यह हुआ कि आम जनता को अगले 22 महीने तक हर महीने डीजल के लिए ज्यादा कीमत अदा करनी पड़ेगी। डीजल पर इस समय तेल कंपनियां 10.60 रुपये प्रति लीटर का घाटा उठा रही हैं। अब देखना होगा कि जब इस वर्ष के अंत में और अगले वर्ष जब कुछ राज्यों सहित आम चुनाव होंगे तो केंद्र सरकार कीमत वृद्धि की इजाजत कंपनियों को देती है या नहीं।

डीजल की दोहरी मूल्य व्यवस्था लागू करने के बाद इसकी बढ़ रही कालाबाजारी के बारे में मोइली ने कहा कि वह पूरी स्थिति का आकलन कर रहे हैं। कुछ राज्यों में सार्वजनिक परिवहन द्वारा पेट्रोल पंप से डीजल खरीदने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इन राज्यों की सरकारें अगर वाकई चिंतित हैं तो उन्हें इस पर वैट या बिक्री कर की दर में कमी करनी चाहिए।

सनद रहे कि सरकार ने राज्य ट्रांसपोर्ट निगमों, रेलवे सहित तमाम थोक ग्राहकों के लिए डीजल की सब्सिडी बंद कर दी है। इसके बाद गुजरात, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र सहित कई राज्यों के सार्वजनिक परिवहन विभाग की बसों ने सीधे पेट्रोल पंप से डीजल खरीदना शुरू कर दिया है। मोइली ने कहा कि मछुआरों को खुदरा कीमत पर ही डीजल दिया जाता रहेगा।

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