विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

प्रधान का इस्तीफा, CJP का प्रदर्शन खत्म... संसद चलने का रास्ता साफ, अब विपक्ष पर होगा दबाव

Published: Sat, 25 Jul 2026 07:21 PM (IST)

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन समाप्ति के बाद संसद के मानसून सत्र में गतिरोध समाप्त हो गया है।

संसद के चलने का रास्ता साफ (जागरण)

संसद के चलने का रास्ता साफ (जागरण)

HighLights

  1. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से संसद का गतिरोध खत्म हुआ।

  2. कॉकरोच जनता पार्टी ने पेपर लीक आंदोलन समाप्त किया।

  3. सरकार अब महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा शुरू करेगी।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के लिए सत्ता पक्ष का अपना एजेंडा था और विपक्ष का अपना। सरकार सुधारों से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण विधेयक पारित कराना चाहती है, लेकिन अब तक पेपर लीक के मुद्दे पर लोकसभा और राज्य सभा में लगातार हंगामा किए जा रहे थे।

विपक्षी दल खास तौर पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के त्याग-पत्र की शर्त पर अड़े थे, जिसके कारण गतिरोध खत्म नहीं हो पा रहा था। अब प्रधान के इस्तीफे और कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा आंदोलन समाप्ति की घोषणा के साथ ही संसद के सुचारू संचालन का रास्ता साफ हो गया है।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से संसद का गतिरोध खत्म

सोमवार से सरकार विधेयकों पर चर्चा शुरू कराना चाहेगी। अब दबाव विपक्ष पर होगा क्योंकि सोमवार को ही सदन में लीक से जुड़ा संशोधन विधेयक पेश किया जा सकता है। उसके आड़े आना विपक्ष के लिए संभव नहीं होगा।

संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही एक सप्ताह तक चल ही नहीं सकी। पेपर लीक का मुद्दा उठा रहे विपक्ष को ताकत इसलिए भी मिल गई, क्योंकि बाहर जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले युवा प्रदर्शन कर रहे थे। इन सात दिनों में न तो किसी सदन में प्रश्न काल चल सका और न ही शून्य काल में जनहित के मुद्दे उठाए जा सके।

राजनीतिक हलकों में कानाफूसी यह भी थी कि विपक्ष सरकार के एजेंडे को लेकर आशंकित था और इसलिए अवरोध रास आ रहा था। कुछ विपक्षी दलों को वंदे मातरम के अपमान पर तीन साल तक की सजा के प्रविधान वाले संशोधित विधेयक पर आपत्ति है, लेकिन प्रत्यक्ष विरोध करने में राजनीतिक हानि भी देख रहे हैं।

इसके अलावा शंका यह भी थी कि सरकार परिसीमन विधेयक फिर से लाने की तैयारी कर कहीं दो तिहाई बहुमत कैसे भी न जुटा ले। ऐसे में पूरा मानसून सत्र हंगामे की भेंट चढ़ जाए तो सरकार को अवसर ही नहीं मिलेगा। किंतु, माना जा रहा है कि सरकार सदन चलाने को लेकर गंभीर थी।

यही कारण है कि पेपर लीक पर चर्चा की विपक्ष की मांग को तुरंत मान लिया गया। फिर भी स्थिति संभलती न दिखी तो कठोर कदम उठाते हुए शिक्षा मंत्री का इस्तीफा भी करा दिया गया।

प्रत्यक्ष तौर पर अब विपक्ष के पास संसद को बाधित करने का कोई आधार दिखाई नहीं देता। सोमवार के लिए प्रस्तावित एजेंडे में भी तैयारी दिख रही है।

राज्य सभा में प्रस्तुत किए जा चुके वंदे मातरम संबंधी विधेयक पर चर्चा होगी। उस पर गृह मंत्री अमित शाह जवाब देंगे और विधेयक उच्च सदन से पारित कराने का प्रयास होगा।

इसी तरह लोकसभा के एजेंडे में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 और सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 सूचीबद्ध है। इन विधेयकों पर भी चर्चा शुरू होगी। जैसी कि संभावना है, सोमवार से सदन सुचारू चलेगा और सरकार अपने बिजनेस एजेंडे को पूरा करने का प्रयास करेगी।

यह भी पढ़ें- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राहुल गांधी ने सरकार के सामने रखी 2 मांगें, खरगे बोले- 'यह अंत नहीं'