'विरोध प्रदर्शनों का असली चेहरा आया सामने', धर्मेंद्र प्रधान ने सत्ता परिवर्तन वाली टिप्पणी पर राहुल गांधी पर साधा निशाना
धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी पर भारत की राजनीतिक व्यवस्था को अस्थिर करने के लिए छात्रों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन का हवाला दिया।

सत्ता परिवर्तन वाली टिप्पणी पर धर्मेंद्र प्रधान का राहुल गांधी पर हमला

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जुलाई में पेपर लीक को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शनों के बाद शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने वाले बीजेपी सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और विपक्षी दल भारत की राजनीतिक व्यवस्था को अस्थिर करने के लिए छात्रों का इस्तेमाल एक ढाल के रूप में कर रहे हैं।
प्रधान के अनुसार, इस तरह के आंदोलन देश में अराजकता फैलाने और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है।
बांग्लादेश में हुए सत्ता परिवर्तन का दिया हवाला
एक्स पर अपनी पोस्ट में धर्मेंद्र प्रधान ने बांग्लादेश में Gen Z के विद्रोह और वहां सत्ता परिवर्तन की मांग का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हित और छात्रों के कल्याण के नाम पर शुरू किए गए इन प्रदर्शनों का असली चेहरा अब बेनकाब हो चुका है।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जो लोग विदेशों ताकतों के सहारे सत्ता में आने का सपना देख रहे हैं, उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि भारत में सत्ता परिवर्तन केवल लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के जरिए ही संभव है, और देश की जनता इस अलोकतांत्रिक मानसिकता को कभी स्वीकार नहीं करेगी।
प्रधान ने राहुल गांधी पर चुनावी नतीजों के मनमुताबिक न आने पर बार-बार जनता के जनादेश का अपमान करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संविधान को हाथ में लेकर घूमने वाले, लेकिन असल में संविधान-विरोधी राहुल गांधी सत्ता की लालसा में लगातार संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने लोकतंत्र के प्रति विपक्ष के इस रवैये को बेहद शर्मनाक करार दिया।
कांग्रेस ने अपनी मांग का किया बचाव
दूसरी ओर, कांग्रेस ने अपनी सत्ता परिवर्तन की मांग का बचाव किया। पार्टी नेता पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और बीजेपी नेताओं के उन आरोपों को खारिज किया, जिनमें विरोध-प्रदर्शनों की तुलना बांग्लादेश जैसी उथल-पुथल से की गई थी।
पवन खेड़ा ने स्पष्ट किया कि चुनावों के जरिए सत्ता बदलना ही तो विपक्ष का मुख्य लक्ष्य है, हमारा और क्या मकसद हो सकता है? उन्होंने बीजेपी पर पटलवार करते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी अब लोकतांत्रिक परंपराओं और आलोचना को सहन करने की आदत खो चुकी है।
किस बात को लेकर शुरू हुआ विवाद?
यह पूरा राजनीतिक घमासान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच शुरू हुआ है। इस दौरान AISA अध्यक्ष नेहा बोरा और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण द्वारा दिए गए बयानों को लेकर बीजेपी आक्रामक हुई है।
नेहा बोरा और प्रशांत भूषण ने अपने बयानों में बांग्लादेश के जेन जी आंदोलन का जिक्र और इसे सत्ता परिवर्तन की लड़ाई बताया था।
