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विमान हादसों के बाद DGCA सख्त; नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटर्स के लिए कड़े नियम जारी, वीएसआर वेंचर्स के 4 विमान ग्राउंडेड

Published: Tue, 24 Feb 2026 10:55 PM (IST)

हालिया विमान हादसों के बाद डीजीसीए ने गैर-निर्धारित विमान संचालकों के लिए नियम कड़े कर दिए हैं। दो घातक दुर्घटनाओं, ...और पढ़ें

अब पायलट से लेकर कंपनी संचालक तक कार्रवाई के दायरे में लाए जाएंगे

अब पायलट से लेकर कंपनी संचालक तक कार्रवाई के दायरे में लाए जाएंगे

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। महीने भर के अंदर एक के बाद एक निजी चार्टर्ड विमान हादसों के बाद डीजीसीए ने सख्त रुख अपनाते हुए विमानन नियामक डीजीसीए ने गैर-निर्धारित विमान संचालकों (एनएसओपी) के लिए नियम कड़े कर दिए हैं।

हालिया दुर्घटनाओं के मद्देनजर नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने सुरक्षा मानकों को लेकर कई नई व्यवस्थाओं की घोषणा की है और स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब पायलट से लेकर कंपनी संचालक तक कार्रवाई के दायरे में लाए जाएंगे।

दुर्घटनाग्रस्त हो गया था एयर एंबुलेंस

दरअसल, सोमवार को रांची से दिल्ली जा रहा एक एयर एंबुलेंस विमान उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई। यह विमान एक गैर-निर्धारित ऑपरेटर द्वारा संचालित किया जा रहा था। इससे पहले 28 जनवरी को महाराष्ट्र के बारामती के पास वीएसआर वेंचर्स के स्वामित्व वाला एक लियरजेट-45 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई थी।

लगातार दो घातक हादसों ने निजी और गैर-निर्धारित विमान सेवाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन घटनाओं के बाद डीजीसीए ने सभी नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटरों (एनएसओपी) की बैठक बुलाई। बैठक में हाल के विमानन हादसों में वृद्धि पर चिंता जताते हुए सुरक्षा पर विशेष फोकस की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

'ठीकरा केवल पायलटों पर नहीं फोड़ा जा सकता'

नियामक ने साफ कहा कि सुरक्षा चूक का ठीकरा केवल पायलटों पर नहीं फोड़ा जा सकता, बल्कि जवाबदेह प्रबंधक और वरिष्ठ प्रबंधन भी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराए जाएंगे। नई व्यवस्थाओं के तहत गैर-निर्धारित विमान संचालकों को अपने विमानों की आयु, रखरखाव का ब्योरा और अन्य महत्वपूर्ण सुरक्षा जानकारियां सार्वजनिक करनी होंगी।

साथ ही, इन ऑपरेटरों की 'सुरक्षा रैंकिंग' भी तैयार की जाएगी, ताकि यात्रियों को पारदर्शी जानकारी मिल सके। डीजीसीए ने यह भी स्पष्ट किया है कि नियमों के उल्लंघन पर पायलटों के लाइसेंस को अधिकतम पांच वर्ष तक निलंबित किया जा सकता है। पुराने विमानों और स्वामित्व परिवर्तन से गुजर रहे विमानों की विशेष निगरानी की जाएगी।

बीएओए ने भी सतर्कता बरतने को कहा उधर, बिजनेस एयरक्राफ्ट ऑपरेटर्स एसोसिएशन (बीएओए) ने भी अपने सदस्यों से आंतरिक सुरक्षा ऑडिट कराने और क्रू ब्रीफिंग को सख्ती से लागू करने की अपील की है। संगठन ने कहा कि विशेष रूप से अनियंत्रित हवाईपट्टियों और सीमित मौसम सहायता वाले क्षेत्रों में उड़ान भरने वाले ऑपरेटरों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।

मंत्रालय भी व्यापक समीक्षा में जुटा

नागर विमानन मंत्रालय ने भी संकेत दिया है कि गैर-निर्धारित उड़ानों और छोटे हवाईअड्डों के संचालन की व्यापक समीक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

वीएसआर वेंचर्स की सेफ्टी ऑडिट में गड़बड़ियां डीजीसीए ने बताया है कि महाराष्ट्र के बारामती में हादसे का शिकार हुए चार्टर्ड विमान की संचालक कंपनी वीएसआर वेंचर्स की स्पेशल सेफ्टी ऑडिट में उड़ान योग्यता, हवाई सुरक्षा, उड़ान संचालन में कई अनुपालन संबंधी खामियां पाए जाने के बाद चार विमानों को उड़ान भरने से रोक दिया गया है। इस हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत चार लोगों की मौत हो गई थी।

(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

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