नई दिल्ली, जेएनएन। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में गड़बड़ी पर विपक्षी दलों की आशंकाओं के बीच 2019 के चुनावों में लाखों मतदाताओं के फैसले ईवीएम के अंदर सील बंद हो चुके हैं। एक चुनाव कानूनों के विशेषज्ञ ने चेतावनी देते हुए हुए कहा है कि भारत के चुनाव आयोग की मतगणना प्रक्रियाओं में कुछ कथित खामियों की वजह से इसमे गड़बड़ी हो सकती है।

इससे बचने के लिए उन्होंने कहा है कि चुनाव आयोग को प्रत्येक ईवीएम में डाले गए मतों का एक प्रिंटआउट सभी उम्मीदवारों या उनके मतगणना एजेंटों को प्रदान करना चाहिए, जिसे बाद में मत गणना के मताजों के साथ मिलाया जा सके।

नागपुर के वकील विनोद तिवारी ने कहा कि ईवीएम में गड़बड़ी की बहुत ज्यादा गुंजाइश है। उन्होंने 2009 से चुनाव आयोग के सामने इस मुद्दे को उठाया था, लेकिन उन्होंने सिस्टम में सुधार के लिए कोई भी कदम उठाने कोई भी कोशिश नहीं की, जिससे पूरी चुनावी प्रक्रिया को लाभ मिल सके।

तिवारी ने आरोप लगाते हुए कहा कि सुरक्षा कारणों से चुनाव आयोग द्वारा किराए पर लिए गए विशाल काउंटिंग हॉल में टेबल के चारों ओर एक मजबूत तार की जाली लगाई जाती है। काउंटिंग एजेंटों को कम से कम 10 से 15 फीट दूर रखा जाता है, जिससे यह ठीक से देख पाना असंभव हो जाता है कि काउंटिंग सुपरवाइजरों के द्वारा शीट पर क्या दर्ज किया दा रहा है।

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Posted By: Manish Pandey