नई दिल्ली, एएनआइ। रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि पूर्व कर्मचारियों द्वारा खरीदे गए पल्स ऑक्सीमीटर का भुगतान एक्स सर्विसमैन वेल्फेयर डिपार्टमेंट द्वारा किया जाएगा। बता दें कि कोविड-19 मरीजों में ऑक्सीजन संतृप्ति स्तर (oxygen saturation level) जानने के लिए पल्स ऑक्सीमीटर एक महत्वपूर्ण पैरामीटर है। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि अंशदायी स्वास्थ्य योजना (Contributory Health Scheme) के लाभार्थियों द्वारा खरीदे गए ऑक्सीमीटर का भुगतान वेल्फेयर डिपार्टमेंट द्वारा किया जाएगा। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, वेल्फेयर डिपार्टमेंट द्वारा यह निर्णय लिया गया है।

क्या है पल्स ऑक्सीमीटर

पल्‍स ऑक्‍सीमीटर एक ऐसी डिवाइस है जो मरीज की उंगली में फिट की जाती है। इससे मरीज की नब्‍ज और खून में ऑक्‍सीजन की मात्रा का पता लगाया जाता है। आमतौर पर इसका इस्तेमाल सर्जरी के बाद मरीज को मॉनिटर करने में किया जाता है। सांस की बीमारियों से जूझ रहे मरीज भी अपने घर में इसे रखते, ताकि  नब्‍ज और खून में ऑक्‍सीजन की मात्रा का पता लगाया जा सके। पल्‍स ऑक्‍सीमीटर का डेटा ये बताता है कि मरीज को अतिरिक्त ऑक्‍सीजन की जरूरत है या नहीं।

यह एक क्लिप की तरह होता है, जिसे मरीज उंगली, कान या पैर के अंगूठे में फंसा सकते हैं। इसके बाद डिवाइस में लगी एक लाइट स्किन के अंदर प्रवेश कर खून में पूरी प्रक्रिया में रोगी को किसी तरह का दर्द नहीं होता। इस दौरान मरीज को किसी तरह का कोई दर्ज महसूस नहीं होता है।

ब्लड ऑक्सीजन लेवल की वजह से होने वाली बीमारियों को मॉनिटर करने में यह काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज के अलावा अस्थमा, निमोनिया, लंग कैंसर, अनीमिया, हार्ट अटैक या हार्ट फेल जैसी गंभीर समस्याओं के लिए भी यह उपयोगी है। 

बता दें कि देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 7 लाख को भी पार कर गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक, मंगलवार को देश में 22,252 नए मामलों के साथ कुल संक्रमितों की संख्या 7,19,665 तक पहुंच गई है। इसके अलावा इतने समय में कोरोना के कारण 467 लोगों मौत भी हुई है, इसके साथ ही देश में कोरोना से मरने वालों की कुल संख्या 20,160 तक पहुंच चुकी है।

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