नई दिल्ली। अपने साथ पाकिस्तान में हो रहे अत्याचार और अपनी धर्म की रक्षा की खातिर किसी भी तरीके से वहां से निकलकर भारत पहुंचे हिंदू शरणार्थियों ने सोमवार को मांग करते हुए कहा है कि उनके शव को भले ही पाकिस्तान भेज दिया जाएं लेकिन उन्हें वहां नहीं भेजा जाएं।

पाकिस्तान के किसान धर्मवीर ने कहा कि हम नहीं जानते है कि हमारे साथ आगे क्या होगा लेकिन हम इतना जरूर जानते है कि पाकिस्तान में हमारा शव जाएगा, हम नहीं। बीते 9 मार्च को धर्मवीर एवं अन्य शरणार्थियों ने पाकिस्तान से राजस्थान के जोधपुर रास्ते भारत में प्रवेश किया था। इसके बाद इन सभी ने दक्षिण दिल्ली के बृजवाशन इलाके में नहर सिंह के मकान में आश्रय लिया।

धर्मवीर ने बताया कि पाकिस्तान में हिंदू सुरक्षित नहीं है और वहां हिंदू महिलाओं और लड़कियों को जबरदस्ती धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जाता है। धर्मवीर ने बताया कि वे सिंध प्रांत के हैदराबाद में अपनी पत्नी एवं चार बच्चों के साथ रहते थे और अब वहां से भाग कर भारत आएं हैं। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदुओं को वहां किसी प्रकार के अधिकार हासिल नहीं है। उन्होंने कहा कि अब वे किसी भी कीमत पर वापस पाकिस्तान नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिकता उन्हें भले ही न मिले लेकिन वह यहां शांतिपूर्वक मरना पसंद करेंगे।

दूसरी ओर इन शरणार्थियों को आश्रय प्रदान करने वाले पूर्व भारतीय सैनिक नहर सिंह ने कहा कि कि इन लोगों के साथ उनकी सहानुभूति है और इस कारण वह इन्हें आश्रय दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए जरूरी मदद उन्हें विश्व हिंदू परिषद एवं अन्य एनजीओ की ओर से उपलब्ध कराई जा रही हैं।

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