लखनऊ। राजधानी के मोहनलालगंज दरिंदगी कांड पर पीड़िता के परिवार के साथ ही विपक्षी राजनीतिक दलों को भी पुलिस के रहस्योद्घाटन पर यकीन नहीं है। विपक्षी दलों ने किसी खास को बचाने की कोशिश का आरोप लगाते हुए मामले की जांच सीबीआइ को सौंपे जाने की मांग की है और कई सवाल भी उठाए हैं।

देवरिया में मृतका की पुत्री तथा उसके परिवारवालों को भी पुलिस की कार्यशैली पर भरोसा नहीं है। केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र ने कल रात इस पीड़ित परिवार से मुलाकात की। मृतका की पुत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस इस मामले में न्याय नहीं कर सकती। हम सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। मृतका के पिता तथा अन्य रिश्तेदारों ने भी लखनऊ पुलिस की कार्रवाई को कटघरे में खड़ा किया है।

भाजपा के प्रवक्ता डा.मनोज मिश्र का आरोप है कि पुलिस जघन्य अपराध में ईमानदारी से जांच कर वास्तविक दोषी को दबोचने के बजाए भ्रमित करने की कोशिश कर रही है। निर्भया के शव का आननफानन में दाह संस्कार कराया गया और अब दुराचार होने से इन्कार किया जा रहा है। इससे पुलिस की कहानी में झोल नजर आ रहा है। मोबाइल बरामद न करना और महिला के शरीर पर चोट के निशान सच्चाई खुद बता रहे थे। सच सामने लाने के लिए सीबीआइ जांच जरूरी है।

भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष कमलावती सिंह ने कहा कि पुलिस मामले को भटकाने का प्रयास कर रही है जिसका विरोध किया जाएगा। कांग्रेस के प्रवक्ता अमरनाथ अग्रवाल ने कहा कि जब मृतका के परिवारीजन पुलिस के खुलासे पर भरोसा नहीं कर रहे हैं तो प्रदेश सरकार को तत्काल सीबीआइ जांच की संस्तुति करनी चाहिए। सीबीआइ जांच कराने से बच रही सरकार बताए कि आखिर वह बचाना किसे चाहती है।

रालोद के राष्ट्रीय सचिव अनिल दुबे का आरोप है कि निर्भया हत्याकांड में पुलिस की कहानी पूरी तरह फर्जी है। सरकार की नाक के नीचे होने वाले जघन्य अपराध को इस तरह भ्रामक बनाने का प्रयास होगा तो जनता का न्याय से भरोसा उठ जाएगा।

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