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Delhi Cold: दिसंबर में भी क्यों नहीं पड़ रही कड़ाके की ठंड? मौसम विभाग ने बताई असली वजह

Published: Thu, 11 Dec 2025 11:16 PM (IST)

दिसंबर के एक तिहाई बीतने के बाद भी दिल्ली-एनसीआर में कड़ाके की ठंड नहीं है। IMD के अनुसार, लोधी रोड ...और पढ़ें

दिल्ली-NCR में अभी तक क्यों नहीं पड़ी कड़ाके की ठंड

दिल्ली-NCR में अभी तक क्यों नहीं पड़ी कड़ाके की ठंड

HighLights

  1. दिल्ली-NCR में अभी तक कड़ाके की ठंड नहीं

  2. पश्चिमी विक्षोभ की कमी से ठंड नहीं

  3. अगले हफ्ते तापमान में बढ़ोतरी की उम्मीद

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिसंबर का एक तिहाई हिस्सा बीत चुका है, लेकिन दिल्ली-NCR इलाके में अभी तक कड़ाके की ठंड नहीं पड़ी है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुरुवार को डेटा जारी किया, जिसके अनुसार बुधवार और गुरुवार सुबह (8:30 बजे) के बीच लोधी रोड पर अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस था, जो औसत से 2.4 डिग्री सेल्सियस ज्यादा था। न्यूनतम तापमान भी 8.6 डिग्री सेल्सियस था, जो औसत से 0.6 डिग्री सेल्सियस ज्यादा है।

क्यों अब तक नहीं पड़ी कड़ाके की ठंड?

मौसम विभाग के अनुसार, ठंड में बढ़ोतरी पश्चिमी विक्षोभ पर निर्भर करती है, क्योंकि ये दिल्ली और उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में सुखी हुई ठंडी उत्तर-पश्चिमी हवाएं लाते हैं। इस मौसम में अब तक कोई सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ नहीं आया है, यही वजह है कि दिल्ली-NCR और आसपास के इलाकों में अभी तक शीतलहर दर्ज नहीं की गई है।

अगले हफ्ते पद सकती हाड़ कपाने वाली ठंड

IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, 13 दिसंबर को एक पश्चिमी विक्षोभ आने की उम्मीद है, लेकिन यह कमजोर होगा। इससे सिर्फ जम्मू और कश्मीर के कुछ हिस्सों में बारिश होने की उम्मीद है। अगले हफ्ते दिल्ली में न्यूनतम तापमान 2-4 डिग्री सेल्सियस बढ़ सकता है, जिससे मौसम और भी सुहावना हो जाएगा। रात का न्यूनतम तापमान 9-10 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की उम्मीद है।

देश के अन्य हिस्सों में कैसी पड़ रही सर्दी?

मौसम विभाग ने गुरुवार को अपनी लेटेस्ट रिपोर्ट में बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुज़फ़्फ़राबाद में कई जगहों पर न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। पश्चिमी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में कुछ जगहों पर गंभीर शीतलहर की स्थिति बनी रही। पंजाब, विदर्भ, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में भी कुछ जगहों पर शीतलहर की स्थिति रही।