राजधानी में प्रदूषण को लेकर कांग्रेस ने केंद्र-दिल्ली सरकार को घेरा, कहा- लोगों को दिया जा रहा धीमा जहर
कांग्रेस पार्टी ने दिल्ली के प्रदूषण के मुद्दे पर केंद्र और दिल्ली सरकार को घेरा है। पार्टी का आरोप है कि पिछले कुछ सालों से दिल्ली में प्रदूषण खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है, जिससे लोगों को धीमा जहर मिल रहा है। कांग्रेस ने भाजपा और आप पर दोहरी राजनीति करने का आरोप लगाया और सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने की मांग की।

दिल्ली में वायु प्रदूषण।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण से लगातार गंभीर होते जा रहे संकट के मामले को संसद के शीत सत्र में उठाने की लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी की घोषणा के बाद मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने केंद्र तथा दिल्ली की भाजपा सरकार की घेरेबंदी तेज कर दी है।
पार्टी ने दावा किया कि दिल्ली का प्रदूषण पिछले छह-सात सालों से हर सीमा लांघ चुका है और राजधानी के नागरिकों को एक तरह से धीमा जहर देकर उनका जीवन कम किया जा रहा है।
प्रदूषण के मुद्दे पर कांग्रेस ने भाजपा के साथ ही आम आदमी पार्टी पर भी दोहरी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली की भाजपा और पंजाब की आप सरकार के आरोप-प्रत्यारोप के बीच राजधानी के लोग त्रस्त हैं।
राहुल गांधी ने संसद में प्रदूषण पर चर्चा की मांग की
संसद में राजधानी के प्रदूषण पर चर्चा कराने की राहुल गांधी की मांग के दूसरे ही दिन कांग्रेस के नए मुख्यालय में शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस करते हुए पार्टी प्रवक्ता दिल्ली के वरिष्ठ नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि पराली जलने और दीवाली के पटाखे सिर्फ सर्दियों में थोड़ा-बहुत असर डालते हैं मगर प्रदूषण के ये बड़े कारण नहीं हैं।
असली कारण तो वे हैं जो साल भर बने रहते हैं जिनकी जवाबदेही दिल्ली सरकार व आस-पास की राज्य सरकारों पर है वे किसानों, हवा या जनसंख्या को दोष देकर अपना दामन नहीं बचा सकतीं।
प्रदूषण का 30-45 प्रतिशत वाहनों से होता है और सरकार की नाकामी के कारण दिल्ली में टूटी-फूटी सड़कों की वजह से ट्रैफिक की औसत रफ्तार 35-40 किमी प्रति घंटा से घटकर अब केवल 15-20 किमी प्रति घंटा रह गई है। इससे वाहनों से होने वाला प्रदूषण कई गुना बढ़ गया है।
संदीप दीक्षित ने उठाए सरकार पर सवाल
संदीप दीक्षित ने सार्वजनिक परिवहन घटने की बात उठाते हुए कहा कि 2013-14 की तुलना में दिल्ली में आज आधी बसें भी नहीं चल रही हैं। तब डीटीसी बसों में 40-41 लाख लोग यात्रा करते थे जो घटकर 30-32 लाख रह गई है। जबकि इसी अवधि में आबादी 30-40 प्रतिशत बढ़ चुकी है।
उन्होंने कहा कि मेट्रो विस्तार में ठहराव आ गया है और फेज चार की योजना 10-12 साल पहले बनने के बावजूद नए रूट्स पर कोई प्रगति नहीं हुई है और इसी वजह से निजी वाहनों की संख्या बढ़ी है।
राजधानी में अवैध तरीके से चल रही हजारों फैक्टि्रयों से निकल रहे प्रदूषण को लेकर निशाना साधते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि 2006-07 में शीला दीक्षित सरकार ने प्रदूषण इकाईयां हटाने की जो सख्ती की थी उसका अब नामोनिशान नहीं है। जगह-जगह कूड़े के ढेर में आग लगाई जा रही, निर्माण स्थलों पर डस्ट कंट्रोल का पूर्ण अभाव है जो प्रदूषण बढ़ा रहा है।
सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर व सार्वजनिक परिवहन पर फोकस करे सरकार- संदीप दीक्षित
2003-05 में दिल्ली में हुई सीएनजी क्रांति का जिक्र करते हुए दीक्षित ने कहा कि कांग्रेस की अपील है कि दिल्ली सरकार-एलजी प्रदूषण से मुक्ति को जन-आंदोलन बनाए और इसके लिए सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर व सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क बढ़ाने पर त्वरित फोकस किया जाए।

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