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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 06, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दिल्ली में भाजपा को नेता और नंबर दोनों की दरकार

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Published: Sat, 06 Sep 2014 08:29 AM (IST)Updated: Sat, 06 Sep 2014 10:20 AM (IST)

धुआं तभी उठता है, जब कहीं आग होती है। इसी आधार पर दिल्ली में भाजपा की अगुवाई में नई सरकार ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। धुआं तभी उठता है, जब कहीं आग होती है। इसी आधार पर दिल्ली में भाजपा की अगुवाई में नई सरकार के गठन के कयास लगाए गए जा रहे हैं। उपराज्यपाल नजीब जंग द्वारा सूबे के राजनीतिक हालात को लेकर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भेजी गई रिपोर्ट के मद्देनजर शुक्रवार को दिन भर चली राजनीतिक गतिविधियों से ऐसे संकेत मिले कि सूबे में भाजपा की सरकार बन सकती है। लेकिन देर शाम तक पार्टी ने अपने पत्ते नहीं खोले।

चुनाव और सरकार दोनों विकल्प खुले

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने कहा कि उनकी पार्टी चुनाव में जाने को तैयार है। लेकिन यदि उसे उपराज्यपाल की ओर से सरकार बनाने का बुलावा आता है तो वह इस विकल्प पर भी गंभीरता से विचार करेगी। लेकिन भाजपा ने अब तक न तो मुख्यमंत्री पद का नेता चुना है और न ही पार्टी यह बता पा रही है कि यदि उसे सरकार बनाने का बुलावा आता है तो वह बहुमत कैसे साबित करेगी।

नौ सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में होनी है सुनवाई

सनद रहे कि दिल्ली विधानसभा के भविष्य के सवाल पर आगामी नौ सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। केंद्र सरकार को अदालत को बताना है कि दिल्ली में सरकार बनाने की क्या संभावनाएं हैं। इस दिशा में क्या कोशिशें हुई हैं। आम आदमी पार्टी की याचिका पर अदालत में सुनवाई इसी मुद्दे पर हो रही है कि आखिर लंबे समय तक विधानसभा को निलंबित रखने का भला क्या औचित्य है।

भाजपा को मिल सकता है न्योता

अब जबकि अदालत में सुनवाई के महज चार दिन बाकी हैं, उपराज्यपाल जंग ने राष्ट्रपति को दिल्ली की सियासी स्थिति पर रिपोर्ट भेजी है और लिखा है कि दिल्ली में सरकार बनने की संभावनाएं अभी मौजूद हैं, लिहाजा विधानसभा में सबसे बड़े दल भाजपा को सरकार बनाने के लिए निमंत्रित किया जा सकता है। राष्ट्रपति ने संबंधित रिपोर्ट पर गृह मंत्रालय की टिप्पणी मांगी है। यदि गृह मंत्रालय उपराज्यपाल की रिपोर्ट से सहमत होता है तो भाजपा को सरकार बनाने का न्योता मिल सकता है।

दिन भर चला मुलाकातों का दौर

राजधानी में शुक्रवार को दिन भर सियासी गतिविधियां चलती रहीं। पहले प्रदेश भाजपा के प्रभारी प्रभात झा व प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने केंद्रीय केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। उसके बाद गडकरी की गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात हुई और फिर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने गृह मंत्री से उनके कार्यालय में जाकर मुलाकात की। दिन भर चले मुलाकातों के इस दौर के बाद भाजपा ने यह कह कर चुप्पी साध ली कि वह चुनाव और सरकार दोनों विकल्पों के लिए तैयार है। यदि उसे सरकार बनाने का न्योता मिलता है तो वह इस निमंत्रण पर भी गंभीरता से विचार करेगी और यदि ऐसा नहीं होता है तो वह चुनाव मैदान में उतरने को भी तैयार है।

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