नई दिल्ली (जागरण ब्यूरो)। दिल्ली और हरियाणा के बीच पानी को लेकर चल रहे विवाद में सोमवार को नया मोड़ आया। दिल्ली सरकार ने इस बारे में गत 28 मार्च को हुई बैठक में सुप्रीम कोर्ट में पेश किये गए निष्कषरें (मिनट्स) पर सवाल उठाए। दिल्ली का कहना था कि हरियाणा की ओर से पेश किये गए बैठक के मिनट्स सही नहीं हैं। दिल्ली ने इन निष्कषरें पर अपनी सहमति नहीं जताई थी। कोर्ट ने मिनट्स पर विवाद उठने के बाद जल संसाधन नदी विकास सचिव से कहा है कि वह बैठक के निष्कषरें की सत्यता के बारे में केन्द्र के वकील को निर्देशित करेंगे। हालांकि इस बीच बैठक में तय मिनट्स के मुताबिक दिल्ली सरकार अतिरिक्त पानी के लिए हरियाणा से औपचारिक आग्रह करेगी। मामले में 19 अप्रैल को फिर सुनवाई होगी।

ये निर्देश सोमवार को न्यायमूर्ति एमबी लोकूर और दीपक गुप्ता की पीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान दिये।मालूम हो कि गत 28 मार्च को केंद्रीय जल संसाधन सचिव की अध्यक्षता में हरियाणा और दिल्ली के बीच पीने के पानी की आपूर्ति को लेकर बैठक हुई थी। इस बैठक में दिल्ली व हरियाणा के मुख्य सचिवों के अलावा सेंटर वाटर कमीशन के चेयरमैन और दिल्ली जल बोर्ड के वाइस चेयरमैन भी शामिल थे।

सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान हरियाणा के वकील ने बैठक के मिनट्स कोर्ट में पेश किये जिसमें कहा गया था कि दिल्ली अतिरिक्त पानी के लिए हरियाणा से लिखित तौर पर आवेदन करेगा और हरियाणा उसे पानी देगा। इसके अलावा दिल्ली हरियाणा के खिलाफ एनजीटी और कोर्ट आदि से सारे मुकदमे वापस ले लेगा। बैठक के इन मिनट्स पर दिल्ली जल बोर्ड के वकील ने सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी ओर से बैठक में इस पर सहमति नहीं दी गई थी। इस पर कोर्ट ने उनसे जब सही स्थिति पूछी तो वकील का कहना था कि इस बारे में उन्हें निर्देश नहीं है। वह निर्देश लेकर ही कोर्ट को बता पाएंगे। हालांकि उन्होंने कहा कि पानी के लिए हरियाणा से औपचारिक आग्रह करने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। दिल्ली में पानी का संकट है ऐसे में उसके लिए हरियाणा को पानी देना चाहिए। हरियाणा के वकील ने भी कहा कि अगर दिल्ली अतिरिक्त पानी के लिए औपचारिक आग्रह करती है तो राज्य उस पर शीघ्रता से विचार करेगा। कोर्ट ने मिनट्स की सत्यता के बारे में जल संसाधन सचिव को केन्द्र के वकील को निर्देशित करने को कहा है।

इस बीच दिल्ली ने बहस के दौरान ये भी कहा कि हरियाणा से आने वाला पानी बहुत प्रदूषित होता है उसमें अमोनिया का स्तर बहुत ज्यादा होता है। इस पर कोर्ट का सवाल था कि क्या दिल्ली का प्रदूषण उस पानी में नहीं शामिल हो जाता? इस पर दिल्ली ने कहा कि हमारे जल शोधन संयंत्र बॉर्डर पर ही लगे हैं, इसलिए हरियाणा से आने वाले पानी में दिल्ली का प्रदूषण और डिस्चार्ज नहीं शामिल होता।

 

By Nancy Bajpai