नई दिल्‍ली (जेएनएन)। दिल्ली हरियाणा जल विवाद मामले में हरियाणा के खिलाफ दिल्ली ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। दिल्ली की याचिका पर कोर्ट ने 2 अप्रैल को सुनवाई की तारीख निश्‍चित की है। दिल्ली जल बोर्ड ने याचिका दाखिल कर हरियाणा पर कम पानी देने का आरोप लगाया है। दिल्ली ने कहा है कि उसे रोजाना 450 क्यूसेक पानी मिलना चाहिए लेकिन हरियाणा यमुना में सिर्फ 330 क्यूसेक पानी छोड़ रहा है। इससे दिल्ली में जल आपूर्ति पर बुरा प्रभाव पड़ा है। दिल्‍ली सरकार का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट हरियाणा सरकार को पानी उपलब्‍ध कराने के लिए आदेश दे।

इससे पहले दिल्‍ली जल बोर्ड ने पानी की कमी से जूझ रही दिल्‍ली को पानी उपलब्‍ध कराने के संबंध में हाईकोर्ट में अपील की थी। जिसमें बोर्ड ने मांग किया कि हरियाणा सरकार दिल्‍ली को पीने का पानी उपलब्‍ध कराए। इस याचिका पर दिल्‍ली हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को पानी उपलब्‍ध कराने के लिए कहा है।

इसी माह दिल्‍ली हाईकोर्ट ने अपने आदेश में हरियाणा सरकार को मुनक नहर से 719 क्‍यूसेक पानी और सब ब्रांच कैनाल से 330 क्‍यूसेक पानी तत्काल दिल्‍ली को उपलब्‍ध कराने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि हरियाणा सरकार कोर्ट के पुराने आदेश का पालन करे।

Posted By: Monika Minal