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दिल्ली को बांग्लादेश बनाने की थी साजिश? नेहा बोरा और प्रशांत भूषण के बयानों पर गरमाई सियासत

Published: Thu, 15 Oct 2026 11:00 PM (IST)

मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे को लेकर शुरू हुए प्रदर्शनों के बीच नेहा बोरा और प्रशांत भूषण के बयानों से ...और पढ़ें

नेहा बोरा और प्रशांत भूषण के बयानों पर सियासी बवाल (फोटो-ANI)

नेहा बोरा और प्रशांत भूषण के बयानों पर सियासी बवाल (फोटो-ANI)

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नीलू रंजन, जागरण। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर जो राजनीतिक और सीजेपी का प्रदर्शन शुरू हुआ है उसकी मंशा पर यूं तो पहले से सवाल खडे होते रहे हैं। लेकिन अब यह खुलकर सामने आ गया है कुछ संगठन दिल्ली में बांग्लादेश जैसी हिंसा की स्थिति पैदा कर सत्ता परिवर्तन करना चाहते थे।

प्रदर्शन की पोस्टर गर्ल बनी वामपंथी छात्र संगठन आईसा (एआईएसए) की अध्यक्ष नेहा बोरा ने खुद इसका खुलासा किया है। उसके पहले सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण सोशल मीडिया ट्विटर स्पेस पर चर्चा के दौरान क्रांति और उसमें होने वाले खून खराबे की बात कर चुके हैं।

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा नेहा बोरा को अहमियत दिये जाने को लेकर भाजपा ने कांग्रेस को आड़े हाथ लिया है।

सोशल मीडिया फेसबुक पर नेहा खुलकर बता रही हैं कि भारत में शुरू हुए जेनजी आंदोलन की शुरूआत बांग्लादेश से हुई थी। उन्होंने कहा रास्ता दिखाने और इस देश के युवाओं के साथ एकजुटता दिखाने के लिए आपको बधाई।

ध्यान देने की बात है कि तीन दिन पहले ही बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व करने वाले नाहिद इस्लाम ने भारत में प्रदर्शन कर रहे युवाओं के समर्थन में बयान जारी किया और चुनावी जवाबदेही और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग कर रहे भारतीय युवाओं के साथ एकजुटता जताई थी।

नेहा ने बांग्लादेश आंदोलन को सही ठहराते हुए और दिल्ली में प्रदर्शनों से उसकी तुलना करते हुए कहा कि "हम जानते हैं कि बांग्लादेश में जो आंदोलन शुरू हुआ था, वह लोकतांत्रिक और मतदाता अधिकारों के लिए था। आज युवा जिस आंदोलन में हिस्सा ले रहे हैं और जिसका नेतृत्व कर रहे हैं, वह भी लोकतांत्रिक और मतदान अधिकारों के लिए ही है।"

नेहा ने उम्मीद जताई कि " बांग्लादेश में आप और भारत में हम मिलकर एक बेहतर दक्षिण एशिया और एक बेहतर दुनिया के लिए संघर्ष कर सकते हैं।"

नेहा के पहले प्रशांत भूषण के ट्विटर स्पेस पर भी क्रांति के जरिये कुछ विकल्प की बात करते सुने गए थे। जिसमें वे सत्ता परिवर्तन के लिए संभावित खून-खराबे का जिक्र भी करते हैं। चर्चा के दौरान वह पुलिस और अर्धसैनिक बलों का इस्तेमाल की बात करते हैं और आगे हथियारों के इस्तेमाल और सेना बुलाए जाने की आशंका भी जताते हैं। वे स्पष्ट रूप से कहते सुने जा सकते हैं कि “अब उस रेवोल्यूशन में तो बहुत खून-खराबा होगा ही।”

नेहा और प्रशांत भूषण के खुलासे पर भाजपा के मीडिया सेल के सह प्रभारी प्रदीप भंडारी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का मकसद सिर्फ राजनीतिक विरोध नहीं है, बल्कि भारत के संविधान और लोकतंत्र को नष्ट करना है। कांग्रेस का ध्यान केवल भारतीय लोकतंत्र को खत्म करने और सत्ता परिवर्तन कराने पर है, ठीक वैसा ही जैसा बांग्लादेश में हुआ था। उन्होंने कहा कि असल में राहुल गांधी और कांग्रेस व्यवस्था भारतीय लोकतंत्र के लिए खतरा है और भारतीय लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले हर नागरिक को उनका विरोध करना चाहिए।