रक्षा मंत्रालय की फील्ड फायरिंग रेंज के इस्तेमाल के लिए संशोधित एसओपी को मंजूरी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय रक्षा उद्योग के लिए मंत्रालय की प्रूफ रेंज, फील्ड फायरिंग रेंज और टेस्टिंग सुविधाओं ...और पढ़ें
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रक्षा उद्योग को परीक्षण सुविधाओं तक आसान, पारदर्शी पहुंच मिलेगी।
HighLights
रक्षा उद्योग को परीक्षण सुविधाओं तक आसान, पारदर्शी पहुंच मिलेगी।
प्रूफ रेंज, फील्ड फायरिंग रेंज उपयोग की प्रक्रिया सरल की गई।
आत्मनिर्भरता हेतु iDEX, TDF परियोजनाओं के लिए शुल्क माफ।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय रक्षा उद्योग द्वारा मंत्रालय की प्रूफ रेंज, फील्ड फायरिंग रेंज और टेस्टिंग सुविधाओं के इस्तेमाल के लिए संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को मंजूरी दे दी है। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि संशोधित एसओपी का मकसद इन सुविधाओं तक आसान, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल पहुंच प्रदान करना है।
मंत्रालय ने एक बयान में बताया, "प्रूफ या टेस्टिंग शुल्क (जहां भी लागू हो) की गणना और भुगतान की प्रक्रिया को एसओपी में शामिल किया गया है, जिससे उद्योग के लिए दस्तावेजीकरण और प्रक्रिया आसान हो गई है।" एसओपी में उन प्रूफ रेंज, फील्ड फायरिंग रेंज व प्रयोगशाला परीक्षण सुविधाओं की सूची दी गई है जो रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ), सरकार की गुणवत्ता आश्वासन एजेंसियों एवं तीनों सेनाओं के पास उपलब्ध हैं और जिनका इस्तेमाल भारतीय रक्षा उद्योग कर सकता है।
संशोधित एसओपी में ऐसी सुविधाओं के आवंटन और इस्तेमाल के लिए विस्तृत व सरल प्रक्रिया के साथ-साथ आवश्यक प्रारूप भी दिए गए हैं। बयान के अनुसार, रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए रक्षा मंत्रालय की आइडीईएक्स, टीडीएफ, 'मेक' और अन्य विकास परियोजनाओं के लिए प्रूफ या टेस्टिंग शुल्क माफ कर दिया गया है।
संशोधित एसओपी स्वदेशीकरण, नवाचार और रक्षा निर्यात को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से विभिन्न सरकारी पहलों को शामिल किया गया है, साथ ही रक्षा उद्योग द्वारा शुरू की गई विकास परियोजनाओं को प्रूफ व टेस्ट सहायता भी प्रदान की गई है।
सोर्स- न्यूज एजेंसी PTI के इनपुट के अनुसार
