नई दिल्ली, प्रेट्र। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को नौसेना के शीर्ष कमांडरों को संबोधित करते हुए कहा कि मजबूत नौसेना भारत की सुरक्षा और समृद्धि के लिए गारंटी प्रदान करती है। सोमवार को शुरू हुए तीन दिवसीय सम्मेलन में नौसेना कमांडर समुद्र में देश केसामने उभरती चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

सीतारमण ने अपने संबोधन में कई परिचालन मुद्दों का जिक्र किया और कहा कि समुद्री संचालन में 'कैरियर बैटल ग्रुप' (सीबीजी) की प्रधानता और युद्ध स्थल को आकार देने की उसकी क्षमता स्पष्ट है। सीबीजी युद्धपोतों के बड़े समूह होते हैं, जिनमें विमानवाहक पोत, पनडुब्बी रोधी जहाज, विध्वंसक, पनडुब्बी और टैंकर शामिल होते हैं।

रक्षा मंत्री ने पुलवामा हमले के बाद नौसेना के तुरंत ही अभ्यास की स्थिति से युद्ध की स्थिति में आने के लिए सराहना की। सूत्रों ने कहा कि कमांडर हिंद महासागर क्षेत्र में चीनी नौसेना की बढ़ती उपस्थिति के मद्देनजर नौसेना की परिचालन क्षमताओं को बढ़ाने के तरीकों पर विचार करेंगे।

सीतारमण ने कहा, 'एक मजबूत नौसेना भारत की सुरक्षा और समृद्धि की आवश्यक गारंटी है।' यह सम्मेलन नौसेना कमांडरों के बीच बातचीत का शीर्ष मंच है।

Posted By: Bhupendra Singh