मुंबई, प्रेट्र। जेट एयरवेज को खरीदने के लिए डारविन ग्रुप ने 14,000 करोड़ रुपये की गैर-बाध्यकारी बोली जमा की है। इस पर चर्चा करने के लिए डारविन ग्रुप के शीर्ष प्रबंधन अधिकारियों ने बुधवार को एसबीआइ कैपिटल के अधिकारियों से मुलाकात की। ग्रुप के सीईओ राहुल गनपुले ने कहा कि उसके समूह ने संकटग्रस्त विमानन कंपनी को खरीदने के लिए आठ मई को बोली जमा की थी।

डारविन प्लेटफॉर्म ग्रुप ऑफ कंपनीज ने दावा किया है कि ऑयल एंड गैस, आतिथ्य और रियल्टी सहित कई क्षेत्रों में उसने निवेश किया है। गनपुले ने कहा कि एसबीआइ कैपिटल ने हमें बुलाया है। हम जेट एयरवेज की देनदारियों और संपत्तियों की जानकारी हासिल करना चाहते हैं। कंपनी ने बोली लगाने से पहले शुरुआती जांच पड़ताल कर ली थी, लेकिन कई सूचनाएं सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध नहीं हैं। इन सूचनाओं की उन्हें जरूरत है। कंपनियों के पंजीयक और अन्य सार्वजनिक स्रोतों पर सीमित सूचनाएं हैं। एसबीआइ कैपिटल से आग्रह किया गया है कि वह विमानन कंपनी की देनदारियों के बारे में और अधिक विवरण दें।

एसबीआइ की अगुआई वाले सात कर्जदाताओं के समूह की जेट एयरवेज में 51 फीसद हिस्सेदारी है और उसने विमानन कंपनी की 75 फीसद तक हिस्सेदारी बेचने की पेशकश की है। विमानन कंपनी पर कर्जदाताओं का 8,000 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है। जेट एयरवेज ने मंगलवार को कहा था कि उसके चार शीर्ष अधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने वाले इन अधिकारियों में सीईओ विनय दुबे, डिप्टी सीईओ अमित अग्रवाल, कंपनी सेक्रेटरी और कंप्लायंस अधिकारी कुलदीप शर्मा और चीफ पीपुल ऑफीसर राहुल तनेजा शामिल हैं।

गनपुले ने कहा कि बाध्यकारी बोली लगाने वाले को वास्तविक सूचनाएं हासिल करने की सुविधा दी गई है। यह सुविधा गैर-बाध्यकारी बोली लगाने वाले को नहीं मिली है। कर्जदाताओं के समूह के फैसले के बाद ही ये आंकड़े दिए जा सकते हैं। 14,000 करोड़ रुपये में विमानन कंपनी की समस्त देनदारियों के निपटान की पेशकश की गई है। यह वन टाइम सेट्लमेंट होगा और इसके बाद जेट एयरवेज की सभी पुरानी देनदारियां समाप्त हो जाएंगी। कंपनी अधिग्रहण के लिए पूरी राशि का इंतजाम आंतरिक स्रोतों से करेगी। एसबीआइ कैपिटल ने पूंजी के स्रोत का पूरा विवरण मांगा है। कंपनी अधिग्रहण में साथ आने के लिए एतिहाद से भी बात कर रही है।

जेट एयरवेज के लिए शुरुआती बोली मिलने के बाद प्राइवेट इक्विटी कंपनी इंडिगो पार्टनर्स और टीपीजी, एतिहाद एयरवेज और सॉवरेन फंड एनआइआइएफ को शॉर्टलिस्ट किया गया था।

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Posted By: Nitin Arora