नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार चक्रवात निसर्ग कल (बुधवार) अलीबाग के पास जमीन से टकराएगा। इस दौरान हवा की गति 100 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है। पालघर, पुणे, ठाणे, मुंबई, रायगढ़, धुले और नंदुरबार, नासिक में कल भारी वर्षा होने की संभावना है। आइएमडी पुणे के डॉक्टर अनुपम कश्यपी ने इसकी जानकारी दी है। 

इससे पहले अरब सागर में बना भारी दबाव (Deep-Depression) आज दोपहर में तूफानी चक्रवात में तब्दील हो गया। गुजरात और महाराष्ट्र के कुछ तटीय इलाकों में चक्रवात निसर्ग को लेकर चेतावनी जारी कर दी गई है। यह मंगलवार रात तक भयंकर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। यह कल (बुधवार) उत्तर महाराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के तटों से गुजरेगा। समाचार एजेंसी पीटीआइ के अनुसार भारतीय मौसम विभाग (IMD) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने इसकी जानकारी दी। 

Cyclone Nisarga LIVE Updates:

नवसारी जिले लोगों को निकाला जा रहा 

समाचार एजेंसी एएनआइ के अनुसार एनडीआरएफ और गुजरात पुलिस ने चक्रवात निसर्ग के मद्देनजर नवसारी जिले के मेंढर और भाट गांवों से लोगों को निकाला जा रहा है। 

पीएम मोदी ने हालात का जायजा लिया

इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हालात का जायजा लिया। उन्होंने ट्वीट करके कहा, 'भारत के पश्चिमी तट के कुछ हिस्सों में चक्रवात की स्थिति के मद्देनजर हालात का जायजा लिया। मैं सभी की कुशलता के लिए प्रार्थना करता हूं। लोगों से हर संभव सावधानी और सुरक्षा उपाय बरतने का आग्रह भी करता हूं।'

गुजरात में मछुआरों को वापस लौटने की अपील  

समाचार एजेंसी एएनआइ के अनुसार चक्रवात निसर्ग को लेकर गुजरात में मछुआरों को तटीय रक्षक अलर्ट कर बंदरगाह पर वापस लौटने की अपील कर रहे हैं।

बुधवार को इसका ज्यादा असर दिखाई देगा

आइएमडी के डिप्टी डीजी आनंद शर्मा ने जानकारी दी है कि बुधवार को चक्रवात का ज्यादा असर दिखाई देगा।इस दौरान 100-125 किलोमीटर प्रतिघंटे की की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कुछ इलाकों में भारी और अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। हालांकि, यह एम्फन से कम खतरनाक होगा। 

कोरोना को देखते हुए राहत कार्य के दौरान सावधानी बरती जाएगी

समाचार एजेंसी पीटीआइ के अनुसार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने ट्वीट किया कि मुंबई शहर और ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। यह भी कहा कि कोरोना वायरस (COVID-19) को देखते हुए राहत कार्य के दौरान सावधानी बरती जाएगी। कच्चे घरों में रहने वालों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है।

NDRF की टीमें तैनात

एनडीआरएफ के महानिदेशक एसएन प्रधान ने जानकारी दी कि दोनों राज्यों में एनडीआरएफ की टीमें तैनात हैं। 10 टीमें महाराष्ट्र में और 11 टीमें गुजरात में हैं। हालांकि, गुजरात ने 5 और टीमों की मांग की है। इसलिए हम उन्हें पंजाब से एयरलिफ्ट कर रहे हैं। वे आज देर रात तक गुजरात पहुंच जाएंगे। गुजरात में कुल 16 टीमें और महाराष्ट्र में 10 टीमें होंगी। महाराष्ट्र में 6 और गुजरात में दो टीमें स्टैंडबाय पर हैं ।

मछुआरे अपनी नावों को लेकर वापस किनारों पर लौटे

मुंबई में निसर्ग के लिए अलर्ट जारी कर दिया गया है। सभी मछुआरे अपनी नावों को लेकर वापस किनारों पर लौट रहे हैं। एक मछुआरे ने कहा कि हम एक दूसरे को जागरुक कर रहे हैं। अभी तो कुछ नहीं लग रहा है पर अगर यहां से तूफान गुजरेगा तो थोड़ा-बहुत झटका तो लगेगा ही। 

महाराष्ट्र तट से बुधवार दोपहर को गुजरेगा

मौसम विभाग ने इससे पहले कहा कि निसर्ग तूफान महाराष्ट्र तट से बुधवार दोपहर को गुजरेगा। उत्तर महाराष्ट्र दक्षिण गुजरात तटों के लिए चेतावनी जारी कर दी गई है। यह अगले 12 से 24 घंटे में खतरनाक रूप ले सकता है। विभाग ने आज सुबह अरब सागर में बन रहे दबाव को लेकर चेतावनी जारी की और बताया कि यह भारी दबाव (Deep Depression) अगले 12 घंटों में तूफानी चक्रवात और उसके अगले 12 घंटों में भयंकर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। 

पिछले 6 घंटे में 11 किलोमीटर प्रतिघंटे से उत्तर की ओर आगे बढ़ा

मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी-मध्य अरब सागर में बन रहा यह दबाव (Depression) पिछले 6 घंटे में 11 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से उत्तर की ओर आगे बढ़ा। इसके अगले 6 घंटे के दौरान लगभग उत्तर की ओर बढ़ने की संभावना है। यह अभी मध्य  पणजी (गोवा) से 280 किमी पश्चिम-दक्षिण पश्चिम , मुंबई (महाराष्ट्र)  से 490 किमी  दक्षिण-दक्षिण पश्चिम और सूरत (गुजरात) से 710 किमी दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में केंद्रीत है। 

मुंबई समेत महाराष्ट्र के तटवर्ती इलाकों के प्रभावित होने की संभावना

निसर्ग तूफान से मुंबई समेत महाराष्ट्र के तटवर्ती जिले सिंधुदुर्ग, रत्नागिरी, ठाणे, रायगढ़ और पालघर सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। भारी बारिश के कारण इन इलाकों में पानी भरने की संभावना है। तेज हवा के कारण पेड़, टेलीफोन लाइन, बिजली के खंभों को भी नुकसान होने की आशंका है। मौसम विभाग ने मछुआरों को अगले 48 घंटों के दौरान दक्षिण-पूर्व अरब सागर, लक्षद्वीप क्षेत्र और केरल तट की ओर न जाने की सलाह दी है। 

Posted By: Tanisk

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