ढाका/ कोलकाता, एजेंसी। चक्रवात 'बुलबुल' ने भारत के अलावा बांग्लादेश में जमकर तांडव मचाया है। चक्रवात के चलते अब तक 20 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। पश्चिम बंगाल में जहां 10 लोगों की मौत हुई वहीं बांग्लादेश में भी 10 से अधिक लोगों की जान चली गई।

भारी बारिश से तटीय इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित

चक्रवात बुलबुल से प्रभावित पश्चिम बंगाल को इलाकों में मौसम धीरे-धीरे साफ हो रहा है। इससे पहले तेज हवाओं और भारी बारिश तटीय जिलों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। चक्रवात का सबसे ज्यादा प्रभाव बकखाली, फ्रेजरगंज, संदेशखाली, झड़खाली, नंदीग्राम, नयाचर और खेजूरी इलाकों में पड़ा। चक्रवात के चलते नौ जिलों में करीब तीन लाख लोग प्रभावित हुए हैं। हजारों पेड़ और मकानों को क्षति पहुंची है।

बांग्लादेश में स्थिति ज्यादा खराब, 10 से अधिक लोगों की मौत

बांग्लादेश के निचले इलाकों में बुलबुल तूफान के कारण कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई। तेज हवा के साथ मूसलधार बारिश ने स्थिति विषम बना दी है। चक्रवाती हवा की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटा है। अधिकारियों को निचले इलाकों से करीब 21 लाख लोगों को बाहर निकालने के लिए बाध्य होना पड़ा है। निजी टीवी चैनल ने अनधिकृत सूत्रों के हवाले से 10 लोगों के मारे जाने की जानकारी दी है लेकिन आपदा प्रबंधन मंत्रालय ने केवल आठ मौत होने की पुष्टि की है।

मंत्रालय के सचिव शाह कमाल ने कहा कि आठ लोगों की मौत हुई है। तूफान ने हमारे तटीय इलाकों पर धावा बोला है। ज्यादातर लोग घर ढह जाने या पेड़ गिरने के कारण मारे गए हैं। इनमें से छह दक्षिण पश्चिम तटीय जिलों के हैं।' तूफान से 600 घर आंशिक या पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। अधिकारियों ने आंतरिक नदियों और तटीय जल में नौकाओं को ले जाने पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है। तटीय हवाई अड्डों पर करीब 24 घंटों के लिए यातायात बंद कर दिया गया है।

बंगाल की खाड़ी से बचाए गए 75 यात्री

चक्रवात 'बुलबुल' की आपदा से अनभिज्ञ बंगाल की खाड़ी में एक क्रूज शिप पर परिभ्रमण पर गए 75 यात्रियों को बंगाल पुलिस की ओर से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार रात सचिवालय नवान्न स्थित कंट्रोल रूम में पत्रकारों से बातचीत में दी।

Posted By: Sanjeev Tiwari

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