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साइबर ठगी पर सीधा प्रहार: टेलीकॉम विभाग का नया FRI सिस्टम, 5000 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी रोकी

Published: Fri, 11 Sep 2026 05:21 PM (IST)

दूरसंचार विभाग ने साइबर ठगी रोकने के लिए फाइनेंशियल फ्रॉड रिस्क इंडिकेटर (FRI) सिस्टम विकसित किया है, जिसने अब तक ...और पढ़ें

साइबर ठगी पर सीधा प्रहार। (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है)

साइबर ठगी पर सीधा प्रहार। (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है)

HighLights

  1. दूरसंचार विभाग ने FRI सिस्टम विकसित किया।

  2. सिस्टम ने 5,043 करोड़ रुपये की ठगी रोकी।

  3. यह धोखाधड़ी को पैसे निकलने से पहले रोकता है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। साइबर ठगी को लेकर सरकार की ओर से लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने भी साइबर ठगी को लेकर चिंता जाहिर की है।

साइबर ठगी में सबसे बड़ी मुश्किल यह है कि पैसा निकलते ही ठग उसे तुरंत दूसरे खातों में ट्रांसफर कर देते हैं, जिससे रकम वापस पाना मुश्किल हो जाता है।

5,000 करोड़ रुपए डूबने से बचाए

इसी खतरे को पहले ही पकड़ने के लिए दूरसंचार विभाग ने फाइनेंशियल फ्रॉड रिस्क इंडिकेटर यानी एफआरआई विकसित किया है। इससे अब तक 5,043 करोड़ रुपए की संदिग्ध ठगी होने से पहले रोकने में मदद मिल चुकी है।

क्या है एफआरआई सिस्टम ?

FRI एक ऐसा सिस्टम है जो बताता है कि किसी मोबाइल नंबर का साइबर फ्रॉड से जुड़ने का खतरा कितना है। नंबर को मीडियम, हाई या वेरी हाई रिस्क में रखा जाता है।

एफआरआई का फोकस क्या है?

एफआरआई का फोकस फ्रॉड के बाद रकम खोजने पर नहीं, पैसा खाते से निकलने से पहले रोकने पर है। सिस्टम को बैंक, यूपीआई के बाद डिमैट, बीमा व पेंशन खातों से जुड़े फ्रॉड में भी इस्तेमाल करने की तैयारी है।

मोबाइल नंबर संदिग्ध कैसे माना जाता है?

सिस्टम संचार साथी पर नागरिकों की शिकायत, साइबर क्राइम पोर्टल, टेलीकॉम कंपनियों, बैंकों और दूसरी संस्थाओं से मिले संकेत देखता है। कई संकेत मिलने पर नंबर का जोखिम बढ़ सकता है।

पेमेंट करते समय यह कैसे काम करता है?

मान लीजिए आप किसी संदिग्ध नंबर से जुड़े खाते में पैसा भेज रहे हैं। भुगतान शुरू होते ही सिस्टम सेकंड से भी कम समय में जोखिम जांच सकता है। खतरा ज्यादा हो तो ट्रांजैक्शन रोका या चेतावनी दी जा सकती है।

क्या एफआरआई तय करता है कि ठग कौन है?

नहीं। एफआरआई खतरे का संकेत देता है, अंतिम फैसला नहीं। बैंक अलर्ट मिलने के बाद फैसले लेते हैं।