यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 21, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
गृह मंत्रालय के अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की सबसे ज्यादा शिकायतें, रिपोर्ट में CVC का दावा
पिछले साल भ्रष्टाचार की सबसे ज्यादा शिकायतें केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों के खिलाफ आईं हैं। केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ...और पढ़ें

HighLights
- 2022 की रिपोर्ट में सीवीसी का दावा।
- गृह मंत्रालय, रेलवे, बैंक अफसरों के खिलाफ सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार की शिकायतें।
नई दिल्ली, पीटीआई। पिछले साल भ्रष्टाचार की सबसे ज्यादा शिकायतें केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों के खिलाफ आईं हैं। केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) की हाल ही में जारी वार्षिक रिपोर्ट तो यही कहती है। अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों में रेलवे नंबर दो और बैंक तीसरे नंबर पर हैं।
1,15,203 शिकायतें हुईं प्राप्त
केंद्रीय सतर्कता आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल केंद्र सरकार के सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए ऐसी कुल 1,15,203 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 85,437 शिकायतों का निपटान किया जा चुका है जबकि शेष 29,766 शिकायतें लंबित हैं। इनमें से 22,034 शिकायतें तीन महीने से ज्यादा समय तक लंबित रहीं।
रिपोर्ट में क्या कहा?
एक अधिकारी ने कहा, सीवीसी ने शिकायतों की जांच करने के लिए मुख्य सतर्कता अधिकारियों के लिए तीन महीने की समय-सीमा निर्धारित की है, जो संस्था की दूरस्थ शाखा के रूप में कार्य करते हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि गृह मंत्रालय के कर्मियों के खिलाफ कुल शिकायतों में से 23,919 का निपटान कर दिया गया जबकि 22,724 लंबित रहीं, जिनमें से 19,198 शिकायतें तीन माह से ज्यादा समय तक लंबित रहीं।
रेलवे ने 9,663 शिकायतों का निपटारा किया
अधिकारी ने कहा कि रेलवे ने 9,663 शिकायतों का निपटारा कर दिया है, जबकि 917 शिकायतें लंबित हैं, जिनमें नौ शिकायतें तीन माह से अधिक समय से लंबित थीं। बैंकों ने भ्रष्टाचार की 7,762 शिकायतों का निपटारा किया, 367 लंबित थीं, जिनमें 78 शिकायतें तीन महीने से अधिक समय से लंबित थीं।
