नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में उपजे विवाद पर सियासी घमासान रुकने का नाम नहीं ले रहा है।कांग्रेस इस मामले में केंद्र सरकार पर जेएनयू को बदनाम करने की साजिश का आरोप लगा रही है। कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे का कहना है कि वह चाहते हैं कि राष्ट्र विरोधी नारे लगाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, लेकिन इसकी आड़ में अन्य छात्रों का दमन नहीं किया जाना चाहिए।

इसी मामले में लेफ्ट पार्टियों ने 23 से 25 तक देशव्यापी धरना प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। इसके अलावा लेफ्ट समेत राजद, जदयू और एनसीपी के नेता भी आज इस मामले में राष्ट्रपति से हस्तक्षेप करने की मांग को लेकर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मिलने वाले हैं।

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दूसरी ओर इस मामले की सुनवाई के दौरान पत्रकारों पर हुए वकीलों के हमले को वकीलों ने गलत बताया है। वकीलों का कहना है कि देश का कोई भी अपने देश के खिलाफ नारेबाजी को बर्दाश्त नहीं कर सकता है। उनका कहना है कि यह मामले से ध्यान भटकाने की साजिश है ओर ऐसा जेएनयू के छात्रों द्वारा किया जा रहा है।

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Posted By: Kamal Verma

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