मुंबई, पीटीआइ। भारत में कोरोना वायरस की स्थिति एक बार फिर खराब होती जा रही है। इस बीच रेलवे में अधिक सावधानी रखते हुए कदम उठा रहा है। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस सहित कुछ प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों के लिए यूवी लाइट-आधारित लगेज सैनिटाइजेशन की सुविधा शुरू की गई है।

हाल ही में शुरू की गई सुविधा के तहत, सामान को संबंधित मशीन में जाला जाएगा। जहां अल्ट्रावायलेट किरणों से सामान के बाहरी सतह पर मौजूद सभी प्रकार के वायरस, बैक्टीरिया खत्म हो जाएंगे। सैनिटाइज करने के बाद सामान पर संक्रमण मुक्त होने का स्टिकर लगा दिया जाएगा। फिर जहां यात्रियों को उनके लगेज सौंप दिए जाएंगे। अधिकारियों ने कहा कि इसके बाद, यात्री अपना सामान ठीक से पैक करा सकते हैं, अगर वे चाहें। हालांकि, इसके लिए अलह से निर्धारित शुल्क रखा गया है। 

सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिवाजी सुतार ने कहा, यूवी लाइट-आधारित सैनिटाइजेशन सुविधा एक सस्ती दर पर प्रदान की जा रही है और सामान के आकार के आधार पर शुल्क निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि 10 किलो, 25 किलो और 25 किलो से अधिक वजन के सामान के लिए, स्वच्छता शुल्क 10 रुपये, 15 रुपये और 20 रुपये हैं, जबकि रैपिंग शुल्क क्रमशः 60 रुपये, 70 रुपये और 80 रुपये हैं।

एक अन्य अधिकारी ने कहा कि यात्री इस सुविधा का लाभ मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस और लोकमान्य तिलक टर्मिनस के साथ-साथ ठाणे जिले के कल्याण स्टेशन पर उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सेंट्रल रेलवे (सीआर) की मुंबई के दादर और ठाणे और पनवेल स्टेशनों पर भी यह सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। 

बता दें कि आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सोमवार तक, मुंबई में 2,76,507 COVID-19 मामले सामने आ चुके हैं और यहां बीमारी के कारण 10,687 मौतें हुईं। वहीं, महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार को दिल्ली, राजस्थान, गुजरात और गोवा से आने वाले लोगों को आरटी-पीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट लाना अनिवार्य कर दिया है। बिना नेगेटिव रिपोर्ट के महाराष्ट्र में प्रवेश संभव नहीं है।

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