नई दिल्‍ली (एएनआई)। यूक्रेन से 184 आक्‍सीजन कंसंट्रेटर की पहली खेप भार त पहुंच चुकी है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता अरिंदम बाग्‍ची ने एक ट्वीट के जरिए इस खेप लिए यूक्रेन का आभारत प्रकट किया है। उन्‍होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि भारत भेजे गए 184 आक्‍सीजन कंसंट्रेटर के लिए यूक्रेन का धन्‍यवाद। आपको बता दें कि भारत में कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान भारत में आक्‍सीजन की कमी से कई मरीजों की दर्दनाक मौत हुई थी। इसको देखते हुए सरकार ने न सिर्फ विदेशों से आक्‍सीजन की आपूर्ति करवाई बल्कि जीवन रक्षक के तौर पर आक्‍सीजन कंसंट्रेटर की भी काफी संख्‍या में खरीद की थी।

भारत में आक्‍सीजन की कमी और जीवन रक्षक उपकरणों में आई कमी को देखते हुए कई देशों ने भारत को मदद भेजी थी। अब भारत के मददगार देशों में यूक्रेन का नाम भी जुड़ गया है। आपको बता दें कि भारत को चिकित्‍सीय सहायत भेजने वाले देशों में अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, जर्मनी, फ्रांस भी शामिल हैं। इन देशों ने भारत को बेहद बुरे दौर में आक्‍सीजन कंसंट्रेटर, वेंटिलेटर, पीपीई किट मुहैया करवाई बल्कि वैक्‍सीन के उत्‍पादन में आई कमी को देखते हुए इसके लिए जरूरी कच्‍चा माल भी उपलब्‍ध करवाया।

कोरोना वायरस की दूसरी लहर हजारों लोगों के लिए जानलेवा रही है। इस दौरान न सिर्फ संक्रमण की रफ्तार बेहद तेज रही बल्कि कोरोना से होने वाली मौतों का आंकड़ा भी रिकॉर्ड स्‍तर पर पहुंच गया था। हालांकि अब रोजाना आने वाले नए मामलों में लगातार गिरावट देखी जा रही है। रविवार को देश में 165553 नए मामले सामने आए थे। हालांकि 3460 मरीजों की मौत भी हुई, जो विश्‍व में सबसे अधिक है। भारत में अब तक 325972 मरीज इस जानलेवा महमारी की चपेट में आकर अपनी जान गंवा चुके हैं। भारत में लगातार छठे दिन रोजना सामने आने वाले मामलों की पॉजीटिव दर करीब आठ फीसद है।

गौरतलब है कि भारत में 11 सितंबर 2020 को कोरोना की पहली लहर के दौरान एक ही दिन में 97 हजार से अधिक मामले सामने आए थे। इसके बाद दूसरी लहर के दौरान 6 मई 2021 को देश में 4.14 लाख से अधिक मामले रिकॉर्ड किए गए थे। देश भर के कई राज्‍यों ने अपने यहां पर बढ़ते मामलों की वजह से लॉकडाउन तक भी लगाया था। कुछ राज्‍यों में तो जून के पहले सप्‍ताह तक लॉकडाउन जारी है। वहीं कुछ राज्‍यों में 1 जून से लॉकडाउन में कुछ पाबंदियां हटाने का भी एलान किया है। आपको यहां पर ये भी बता दें कि विशेषज्ञ भारत में कोरोना महामरी की तीसरी लहर को लेकर आशंका जता चुक हैं। इसलिए राज्‍यों के लिए इस लहर को रोकना और समय पर इसके लिए प्रबंध करना सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

 

Edited By: Kamal Verma