भोपाल, राज्य ब्यूरो। कोरोना संक्रमण के दौर में बचाव के उपाय ही सबसे कारगर है। मध्य प्रदेश के आयुष विभाग ने रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और बचाव के उपाय के तौर पर गाइडलाइन जारी की है। इसमें बताया गया है कि रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सा के अनुसार, एक चुटकी हल्दी और नमक के साथ गर्म पानी से गरारे करना चाहिए। नाक के प्रत्येक नथुने में प्रतिदिन सुबह अणु या तिल तेल की दो-दो बूंद डाली जा सकती हैं। अश्वगंधा चूर्ण के एक से तीन ग्राम चूर्ण को लगातार 15 दिन तक गर्म पानी के साथ लिया जा सकता है। सशंमनी वटी या गुड़ुची या गिलोय घनवटी 500 मिली ग्राम दिन में दो बार ले सकते हैं।

यह तरीके भी अपनाएं

त्रिकटु पाउडर एक ग्राम, तुलसी तीन से पांच पत्तियां एक गिलास पानी में उबालकर पीने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। तुलसी की पत्तियां, दालचीनी, शुंडी और कालीमिर्च का काढ़ा भी उपयोगी है। होम्योपैथी में आर्सेनिकम एल्बम-30 को कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ रोग निरोधी दवा के रूप में अपनाया जा सकता है। इसकी एक डोज खाली पेट तीन दिन उपयोग की जा सकती है।

यूनानी चिकित्सा में शरबत उन्नाब 10-20 मिली ग्राम दिन में दो बार, तिर्याक नला पांच ग्राम दिन में दो बार लिया जा सकता है। नथुने में रोगन बनाफशा एक से दो बूंद डाला जा सकता है। अर्क अजीब की चार से आठ बूंदें ताजे पानी में दिन में चार बार इस्तेमाल कर सकते हैं।

 

Edited By: Arun Kumar Singh

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