नई दिल्ली, जेएनएन। देश में सबसे बड़े बैंक घोटाले को अंजाम देने वाले नीरव मोदी की मुश्किलें और बढ़ सकती है। भगोड़े आर्थिक आपराधियों की विशेष अदालत ने पब्लिक समन जारी कर नीरव मोदी और उसके परिवार को पेश होने का आदेश दिया है। कोर्ट ने नीरव के भाई और बहन को 25 सितंबर से पहले पेश होने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि पेश ना होने पर नए कानून के तहत उनकी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी। 

मुंबई में एमएस आजमी की अदालत ने शनिवार को अखबारों में नीरव की बहन पूर्वी मोदी और निशाल मोदी के नाम तीन पब्लिक नोटिस जारी किए। कोर्ट ने नोटिस के जरिए पूर्वी और निशाल से पूछा है कि ईडी की तरफ से उल्लेख की गई संपत्ति को जब्त क्यों नहीं किया जाना चाहिए। जज ने कहा 'मैं आपको कारण बताओ नोटिस जारी करता हूं कि क्यों आपको भगोड़ा घोषित नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही आपकी संपत्ति भी क्यों नहीं जब्त की जानी चाहुए। इसलिए, मैं सीधे नीरव दीपक मोदी को मेरे सामने 25 सितंबर को 11 बजे या उससे पहले पेश होने का आदेश देता हूं।'

भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून को मंजूरी

गौरतलब है कि संसद ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून 2018 को मंजूरी दे दी है। इस विधेयक के माध्यम से इस तरह के अपराधियों पर भारत में कानूनी प्रक्रिया से बचने और देश से भागने पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।इस कानून में भगोड़ा आर्थिक अपराधी उस व्यक्ति को माना गया है, जो 100 करोड़ रुपये या उससे अधिक मूल्य के आर्थिक अपराध में शामिल हो और उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ हो। इतना ही नहीं वह अभियोजन से बचने के लिए देश छोड़कर भाग गया हो।

नए कानून के तहत प्राधिकृत विशेष अदालत को किसी व्यक्ति को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने और उसकी बेनामी तथा अन्य संपत्तियों को जब्त करने का अधिकार होगा। यह कानून कहता है, 'जब्ती आदेश की तारीख से जब्त की गई सभी संपत्तियों का अधिकार केंद्र सरकार के पास रहेगा। कानून के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जांच एजेंसी का काम करेगा।

Posted By: Manish Negi