श्रीनगर [राज्य ब्यूरो]। मेजर लितुल गोगोई की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। सैन्य प्रशासन ने जहां उनके खिलाफ कोर्ट मार्शल की कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है, वहीं स्थानीय अदालत ने शनिवार को राज्य पुलिस को एक स्थानीय महिला के साथ उनकी कथित दोस्ती के मामले की गहन जांच करने और 18 सितंबर तक अदालत में रिपोर्ट जमा कराने का निर्देश दिया है।

मेजर गोगोई इसी वर्ष 23 मई को श्रीनगर के खनयार इलाके में स्थित होटल में एक महिला के साथ रुकने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन होटल प्रबंधकों ने उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी और उसके बाद वहां हंगामा हुआ था। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर मेजर व उक्त महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद दोनों को छोड़ दिया था। महिला ने पूछताछ में बताया था कि वह मेजर गोगोई की दोस्त है और अपनी मर्जी से उनके साथ घूम रही थी।

इंटरनेशनल फोरम फॉर जस्टिस एंड ह्यूमन राइट्स के चेयरमैन मुहम्मद अहसन उंतु ने पुलिस पर इस मामले को दबाने का आरोप लगाते हुए चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (सीजेएम) श्रीनगर की अदालत में एक याचिका दायर कर दावा किया था कि मेजर ने महिला को जबरन अपने साथ लाया था। पुलिस को इस मामले की पूरी जांच करते हुए मेजर गोगोई को सजा दिलानी चाहिए।
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सीजेएम श्रीनगर ने शनिवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि पुलिस ने जांच सही तरीके से नहीं की है। याचिकाकर्ता ने जो जानकारियां अपनी याचिका में दी हैं और पुलिस ने जो रिपोर्ट दी है, दोनों को देखने के बाद इस मामले की आगे जांच जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने थाना प्रभारी खनयार को संबंधित मामले में 18 सितंबर तक विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।

उन्होंने कहा कि पुलिस ने मामले की जांच करने के बजाय उसे निपटाने पर जोर दिया है। सभी तथ्यों को जांच में शामिल नहीं किया गया है। मेजर गोगोई और महिला के साथ पकड़े गए समीर मल्ला नामक सैन्यकर्मी की भूमिका की जांच नहीं हुई है। वह क्यों मेजर गोगोई और महिला के साथ होटल तक आया था। इसके अलावा मेजर गोगोई ने फेसबुक पर एक फर्जी अकाउंट उबैद अरमानी के नाम से बनाया था, इसकी जांच भी आइटी अधिनियम के दायरे में होनी चाहिए।

गौरतलब है कि मेजर गोगोई पिछले साल पत्थरबाजों से निपटने के लिए एक पत्थरबाज को मानव ढाल बनाकर जीप के आगे बांधने पर सुर्खियों में आए थे। इसके बाद 23 मई, 2018 को होटल मामले में सेना ने मेजर गोगोई के खिलाफ कोर्ट ऑफ इंक्वायरी बैठाई थी। इस जांच में मेजर गोगोई को एक ऑपरेशनल एरिया में संबंधित सैन्य नियमों का उल्लंघन करने का दोषी ठहराया गया है। इसके आधार पर सेना की 15 कोर के कमांडर ने उनके खिलाफ कोर्ट मार्शल की कार्रवाई की अनुशंसा की थी।

Posted By: Vikas Jangra