नई दिल्‍ली, जेएनएन। देश में कोरोना संक्रमण के दैनिक मामले मंगलवार को 1.15 लाख से भी ज्यादा हो गए। स्थिति बेहर्द ंचताजनक है। साल की शुरुआत में हम कोरोना से जंग जीतने की स्थिति में पहुंच गए थे, लेकिन विभिन्न स्तरों पर हुई लापरवाही ने लगभग जीती हुई बाजी को चुनौती में बदल दिया। आज कोरोना के सबसे ज्यादा दैनिक मामले भारत में आ रहे हैं, जो कभी अमेरिका और ब्राजील में आया करते थे।

बहुत तेजी से हो रहा प्रसार: जनवरी में अमेरिका व ब्रिटेन समेत दुनिया के अन्य कई देश कोरोना संक्रमण की मार झेल रहे थे, तब अपने देश में दैनिक संक्रमण का ग्राफ नीचे आ गया था। दैनिक पुष्ट मामले 10-20 हजार के आसपास रह गए थे। तब अमेरिका में 2.5 लाख, ब्रिटेन में 50 हजार, ब्राजील में 55 व रूस में 24 हजार से ज्यादा कोरोना के दैनिक पुष्ट मामले आ रहे थे। अब भारत में रोजाना एक लाख के आसपास मामले आ रहे हैं, जबकि अन्य देशों में कम हो गए हैं।

अमेरिका: कोरोना संक्रमण के दैनिक पुष्ट मामले जनवरी में 2.5 लाख के आसपास थे जो 60 हजार के करीब रह गए हैं।

भारत: फरवरी के आखिरी दिनों में कोरोना संक्रमण की रफ्तार तेज हुई और अब दैनिक मामले एक लाख के आसपास आ रहे हैं।

ब्राजील: दैनिक मामलों में फरवरी से इजाफा शुरू हुआ, लेकिन अप्रैल की शुरुआत से कम होने लगे। अब 60 हजार के आसपास दैनिक मामले आ रहे हैं।

ब्रिटेन: कोरोना के दैनिक मामले मार्च में 60 हजार पार कर गए थे। अब तीन हजार के आसपास रह गए हैं।

फ्रांस: कोविड-19 के दैनिक मामले जनवरी में 15 हजार के करीब थे जो मार्च के अंत तक 30 हजार पार कर गए। अब मामले घट रहे हैं।

रूस: जनवरी में दैनिक मामले 30 हजार के करीब पहुंच गए थे। अब आठ हजार के करीब रह गए हैं।

24 घंटे में 90 हजार से ज्यादा सैंपल की जांच: दिल्ली में पिछले 24 घंटे में 90,201 सैंपल की जांच की गई। अब तक एक करोड़ 51 लाख 65 हजार 413 सैंपल की जांच हो चुकी है। बुधवार को 52,477 सैंपल की आरटीपीसीआर व 37,724 सैंपल की एंटीजन जांच की गई। इनमें से 6.10 फीसद सैंपल पाजिटिव पाए गए।

दैनिक मौतें भी ज्यादा: देश में जनवरी के दौरान कोरोना के कारण होने वाली दैनिक मौतें 200 के आसपास थीं। फरवरी के दूसरे सप्ताह में मौतों का आंकड़ा 100 के नीचे चला गया। छह अप्रैल को 630 मौतें दर्ज की गईं।

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