नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। Coronavirus Myth Busters: कोरोना वायरस जिस तेजी से दुनिया में पांव पसार रहा है, उससे कहीं ज्यादा तेजी से इससे जुड़ी भ्रांतियां फैल रही हैं। सोशल मीडिया पर इस रहस्यमयी वायरस को लेकर रोज नए-नए दावे किए जा रहे हैं। जैसे- क्या बहुत ज्यादा ठंड या बर्फ से वायरस नष्ट हो सकता है? क्या गर्म पानी से नहाने से वायरस से बचा जा सकता है? और क्या चीन से आने वाले उत्पादों से भी वायरस फैलने का खतरा है? विश्व स्वास्थ्य्य संगठन (WHO) ने कोरोना वायरस से जुड़ी तमाम भ्रांतियों पर विस्तृत जवाब दिया है। आइये जानते हैं क्या है सच?

1. क्या बहुत सर्दी या बर्फ वायरस को मार सकती है?

WHO: इस भ्रांति पर विश्वास करने की कोई वजह नहीं है कि सर्दी से कोरोना वायरस या ऐसा कोई अन्य वायरस नष्ट हो जाता है। कोरोना वायरस से बचने का सबसे अच्छा तरीका है कि लगातार अल्कोहल युक्त हैंडवॉश से हाथ साफ किए जाए या साबुन व पानी से अच्छे से हाथ धोए जाएं।

2. क्या गर्म पानी से नहाकर कोरोना वायरस से बच सकते हैं?

WHO: सामान्य मनुष्य के शरीर का तापमान 36.5 डिग्री सेल्सियस से 37 डिग्री सेल्सियस तक होता है। ऐसे में गर्म पानी से नहाकर कोविड-19 (COVID-19) वायरस से नहीं बचा सकता है। इस तरह का दावा बेबुनियाद है। उल्टा ज्यादा गर्म पानी से नहाने से शरीर को नुकसान पहुंच सकता है। आप जल भी सकते हैं।

3. क्या चीनी उत्पाद से भी फैल सकता है कोरोना वायरस?

WHO: चीन या किसी अन्य देश में बने उत्पाद से कोरोना वायरस फैलने का कोई खतरा नहीं है। कोरोना वायरस किसी सतह पर कुछ घंटों या कुछ दिन तक ही जिंदा रह सकता है, ये उस सतह पर निर्भर करता है। इसकी संभावना बहुत कम है कि ये वायरस किसी ऐसे उत्पाद से फैले जो लगातार घूम रहा या किसी अन्य देश में भेजा जा रहा है। इस दौरान उत्पाद को अलग-अलग तापमान और मौसम का सामना करना पड़ सकता है, जिसमें वायरस का बच पाना लगभग नामुमकिन है। अगर आपको लगता है कि सतह दूषित हो सकती है, तो इसे कीटाणुनाशक से अच्छे से साफ कर दें।

4. क्या मच्छर से भी कोरोना वायरस फैल सकता है?

WHO: फिलहाल ऐसी कोई सूचना या सबूत नहीं है, जिससे ये कहा जा सके कि मच्छरों से कोरोना वायरस फैल सकता है। ये वायरस शरीर की श्वसन प्रणाली पर हमला करता है। इससे ग्रसित व्यक्ति जब खांसता या छींकता है तो उससे बनने वाली अति सूक्ष्म बूंदों के जरिये ये वायरस आसपास मौजूद लोगों के शरीर में पहुंच जाता है। इसके अलावा लार के जरिये भी ये वायरस फैलता है। लिहाजा कोरोना वायरस से बचने के लिए उस व्यक्ति से दूर रहें, जो खांस या छींक रहा हो।

5. क्या हैंड ड्रायर से कोरोना वायरस मर जाता है?

WHO: बिल्कुल नहीं, कोरोना वायरस को मारने के लिए हैंड ड्रायर्स प्रभावी नहीं है। अल्कोहल युक्त हैंडवॉश से हाथ को लगातार साफ करना या साबुन-पानी से हाथ को अच्छे से धोना ही इससे बचने का सबसे पुख्ता तरीका है। हाथ धोने के बाद आप हैंड ड्रायर्स या टिश्यू पेपर के जरिए उसे पोछ सकते हैं।

6. क्या पराबैंगनी कीटाणुनाशक लैंप कोरोना वायरस को मार सकता है?

WHO: हाथ या शरीर के किसी भी अन्य हिस्से को कीटाणु रहित रखने के लिए पराबैंगनी कीटाणुनाशक लैंप (Ultraviolet Disinfection Lamp या UV Lamps) का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं किया जाना चाहिये। इससे त्वचा को खतरा पहुंच सकता है।

7. कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति की पहचान में थर्मल स्कैनर कितना प्रभावी है?

WHO: कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति की पहचान करने में थर्मल स्कैनर पूरी तरह से प्रभावी नहीं है। थर्मल स्कैनर तभी कोरोना वायरस की पहचान कर सकता है, जबकि किसी व्यक्ति को इन्फेक्शन की वजह से बुखार हो या उसके शरीर का तापमान सामान्य से ज्यादा हो। थर्मल स्कैनर कोरोना वायरस से संक्रमित उन लोगों की पहचान नहीं कर सकता, जिन्हें बुखार न हो। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद तबीयत खराब होने या बुखार आने में दो से 10 दिन का वक्त लगता है।

8. पूरे शरीर पर अल्कोहल या क्लोरीन का छिड़काव कर वायरस से बच सकते हैं?

WHO: पूरे शरीर पर अल्कोहल या क्लोरीन का छिड़काव करना वायरस से बचने की गारंटी नहीं हो सकता है। इस तरह के छिड़काव से उस वायरस को नहीं मारा जा सकता है, जो पहले ही आपके शरीर में प्रवेश कर चुके हों। इस तरह के छिड़काव से कपड़ों या शरीर को नुकसान पहुंच सकता है। अल्कोहल या क्लोरीन किसी भी सतह को कीटाणु रहित करने में मददगार होता है, अगर उसे उचित मात्रा व दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रयोग किया जाए।

9. क्या पालतू जानवरों से भी फैल सकता है कोरोना वायरस?

WHO: हांगकांग में एक महिला से उसके पालतू कुत्ते को कोरोना वायरस होने की खबरें सामने आ चुकी हैं। ऐसे में कहा जा सकता है कि इंसान से पालतू पशुओं को कोरोना वायरस होने का खतरा है, लेकिन पशुओं से इंसान में कोरोना वायरस फैलने की अभी तक कहीं से कोई सूचना नहीं मिली है। लिहाजा, पालतू जानवरों से कोरोना वायरस फैलता है या नहीं, इस संबंध में कोई स्पष्ट दावा नहीं किया जा सकता। ऐसे में बचाव के लिए अपने हाथों को निरंतर साफ करना जरूरी है। हाथ धोने से केवल कोरोना ही नहीं, बल्कि पालतू जानवरों से इंसानों तक पहुंचने वाले कई तरह के अन्य वायरस से भी बचा जा सकता है।

10. क्या निमोनिया (pneumonia) से बचाने वाली वैक्सीन, कोरोना वायरस में भी प्रभारी है?

WHO: निमोनिया से बचाने के लिए इस्तेमाल होने वाली वैक्सीन की कोरोना वायरस से बचाव में कोई भूमिका नहीं है। ये वायरस एकदम नया और बहुत अलग तरीके का है, लिहाजा शोधकर्ता इसके लिए विशेष वैक्सीन ईजाद करने में जुटे हुए हैं। WHO इन शोधकर्ताओं की मदद कर रहा है। फिलहाल सांस संबंधी बीमारी से बचाने वाले वैक्सीन की कोरोना वायरस से बचाव के लिए अनुशंसा की जा रही है।

11. क्या लहसुन खाकर कोरोना वायरस के संक्रमण से बच सकते हैं?

WHO: कई औषधीय गुणों से युक्त लहसुन स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक है। हालांकि, ऐसा कोई प्रमाण अभी उपलब्ध नहीं है जिससे साबित हो सके कि लहसुन खाने से कोरोना वायरस से बचा जा सकता है।

12. क्या कोरोना वायरस बुजुर्गों पर ही हमला करता है?

WHO: कोरोना वायरस किसी भी उम्र के व्यक्ति को शिकार बना सकता है। पहले से अस्थमा, डायबिटीज, दिल की बीमारी आदि से जूझ रहे लोगों या बुजुर्गों को इस वायरस से ज्यादा खतरा है। वायरस की चपेट में आने से इन लोगों की तबीयत ज्यादा खराब हो सकती है। लिहाजा सभी उम्र के व्यक्तियों को इस वायरस से बचने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिये।

13. क्या एंटीबायोटिक्स इसके इलाज व बचाव में मददगार हैं?

WHO: एंटीबायोटिक्स, केवल बैक्टीरिया से बचाव करता है। वायरस से बचाव में इसकी कोई भूमिका नहीं होती है। कोविड-19 एक वायरस है, इसलिए एंटीबायोटिक्स का इस्तेमाल इससे बचने या इसके इलाज के लिए नहीं किया जा सकता है। हालांकि, कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति जब अस्पताल में भर्ती होता है तो उसे एंटीबायोटिक्स दवाएं भी दी जाती हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि इस दौरान उसे बैक्टीरियल इन्फेक्शन का भी काफी खतरा रहता है।

14. क्या कोरोना वायरस के इलाज के लिए कोई दवा मौजूद है?

WHO: कोरोना वायरस के इलाज या इससे बचाव के लिए अब तक कोई विशेष दवा उपलब्ध नहीं है। हालांकि, इस वायरस से ग्रसित मरीजों का विभिन्न अस्पतालों में अन्य सहयोगी दवाओं के जरिए इलाज किया जा रहा है। बहुत ज्यादा बीमार लोगों को सपोर्टिव केयर में रखा जा रहा है। वायरस से बचाव की दवा और वैक्सीन तैयार करने की दिशा में शोधकर्ता कार्य कर रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही इसकी दवा ईजाद कर ली जाएगी।

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Edited By: Amit Singh