जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। कोरोना की दूसरी लहर की हैरान करने वाली तीव्रता के बावजूद भारत में संक्रमण दर कई विकसित देशों की तुलना में काफी कम है। ज्यादा आबादी के कारण भारत कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या के मामले में दुनिया में अमेरिका के बाद दूसरे स्थान पर आ गया है, लेकिन हकीकत का दूसरा पहलू यह भी है कि भारत में अभी तक दो फीसद से कम जनसंख्या ही कोरोना से संक्रमित पाई गई है, वहीं अमेरिका में यह आंकड़ा 10 फीसद से भी ज्यादा है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक भारत में सोमवार तक कोरोना से कुल 2,49,65,463 लोग संक्रमित पाए गए थे। अमेरिका के बाद दुनिया में संक्रमितों की यह सबसे अधिक संख्या है। अमेरिका में कुल संक्रमितों की संख्या 3,37,15,951 है। तीसरे स्थान पर ब्राजील है, जहां 1,56, 27,475 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इसी तरह फ्रांस में 58,77,787, तुर्की में 51,17,374 और रूस में 49,49,573 लोग संक्रमित हो चुके हैं।

भारत में संक्रमितों की बड़ी संख्या के बावजूद प्रति 100 लोगों पर मामले काफी कम हैं। भारत में 1.8 फीसद लोग संक्रमित पाए गए हैं। वहीं अमेरिका में 10.1 फीसद, ब्राजील में 7.3 फीसद, फ्रांस में नौ फीसद, तुर्की में छह फीसद, रूस में 3.4 फीसद, इटली में 7.4 फीसद, जर्मनी में 4.3 फीसद , अर्जेंटीना में 7.3 फीसद और कोलंबिया में 6.1 फीसद आबादी कोरोना से संक्रमित हो चुकी है।

98 फीसद आबादी संक्रमण से मुक्त

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि इन आंकड़ों के दो अर्थ निकलते हैं। एक तो दूसरी लहर की तीव्रता के बावजूद भारत की 98 फीसद से अधिक आबादी कोरोना संक्रमण से सुरक्षित है। इसका दूसरा मतलब यह भी है कि अब भी बड़ी आबादी कोरोना से आसानी से संक्रमित हो सकती है। इसीलिए, इन लोगों का टीकाकरण तो जरूरी है ही, साथ ही यह भी आवश्यक है कि ये लोग कोरोना से बचाव के लिए उचित उपायों का पालन करें।

देश में तेजी से सिकुड़ रहा है महामारी का दायरा

भारत में कोरोना महामारी का दायरा तेजी से सिकुड़ रहा है। 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में संक्रमण दर में लगातार गिरावट आ रही है। एक लाख से ज्यादा सक्रिय मामलों वाले राज्यों की संख्या भी घट रही है। एक हफ्ते पहले ऐसे राज्यों की संख्या 13 थी, जो घटकर अब आठ रह गई है।

नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल ने कहा कि कई राज्यों में महामारी की स्थिति में स्थिरता आ गई है। कंटेनमेंट और जांच में तेजी की वजह से ऐसा हो पाया है। वैज्ञानिक विश्लेषण से यह सामने आया है कि एक व्यक्ति से एक से कम लोगों तक संक्रमण फैल रहा है, इसका मतलब है कि महामारी सिकुड़ रही है।

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