नई दिल्ली, एएनआइ। भारत ने कोरोना वायरस महमारी से लड़ने के लिए सूचना, ज्ञान, विशेषज्ञता और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने और आदान-प्रदान करने के लिए सार्क देशों को इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म का प्रस्ताव दिया है। यह बताया गया कि मंच के निर्माण में पहले ही काफी काम हो चुका है। 26 मार्च को स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (DGHS) के स्तर पर सभी सार्क देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले स्वास्थ्य पेशेवरों का एक वीडियो सम्मेलन आयोजित किया गया था, जिसमें भारत ने यह प्रस्ताव रखा। भारत के DGHS की अध्यक्षता में हुए इस सम्मेलन में COVID19 से संबंधित कई मुद्दों पर व्यापक चर्चा की गई।

हेल्थ सेक्टर को लेकर यह सार्क देशों की पहली बैठक है। इस बैठक में निर्णय लिया गया है कि स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े चुनिंदा अधिकारियों के बीच व्हाट्सएप ग्रुप का गठन कर सूचनाओं को एक-दूसरे के साथ साझा किया जाएगा।

पाकिस्तान सबसे ज्यादा प्रभावित सदस्य

8 सदस्यीय सार्क में पाकिस्तान कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित देश है। यहां पॉजीटिव मामलों की संख्या 1200 से ऊपर पहुंच चुकी है। वहीं इस मामले में भारत दूसरे स्थान पर है यहां संक्रमितों की संख्या 624 हो चुकी है।

तीसरे फेज को रोकने के लिए भारत में लॉकडाउन

भारत में कोरोना वायरस का संक्रमण दूसरी स्टेज पर है और यह तीसरे लेवल पर ना पहुंचे, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में लॉकडाउन लागू कर दिया है। 26 मार्च को सार्क देशों की हुई बैठक में भारत के डायरेक्टर जेनरल आफ हेल्थ सर्विसेज (डीजीएचसी) ने हिस्सा लिया था। इस बैठक में वायरस के प्रसार को रोकने के लिए अपनाए जाने वाले तरीकों पर खासतौर से चर्चा की गई थी। बैठक में भारत की तरफ से एक विस्तृत प्रजेंटेशन दिया गया जिसमें बताया गया कि किस तरह से वह कोरोना वायरस को थर्ड फेज में पहुंचने से पहले रोकने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर लाकडाउन लागू कर चुका है। यात्रा करने पर लगे प्रतिबंध को किस तरह से लागू किया जा रहा है और लोगों को आवश्यक सामान पहुंचाने के लिए क्या इंतजाम किए जा रहे हैं।

Posted By: Neel Rajput

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