नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। कोरोना संक्रमण के मामले भारत में लगातार बढ़ रहे हैं। इससे निपटने के लिए केंद्र सरकार ने लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ा दिया है। इससे स्थिति की गंभीरता को समझा जा सकता है। हालांकि दुनिया के दूसरे देशों से भारत की तुलना करें तो भारत की स्थिति ज्यादा बेहतर नजर आती है। कोरोना संक्रमण से गंभीर रूप से प्रभावित और मौतों के मामले में शीर्ष 20 देशों में मृत्यु दर भारत में सबसे कम है।

भारत की बड़ी आबादी के बावजूद भारत में संक्रमण के मामले उस तेजी से नहीं बढ़े है, जितना दुनिया के दूसरे देशों में। जांस हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा संक्रमण और मौतों के मामले अमेरिका में सामने आए हैं, जहां पर 682619 मामले सामने आए हैं और 23529 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

वहीं भारत में संक्रमण के 10,453 मामले सामने आए हैं और 358 लोगों की मौत हुई है। इसके साथ ही संक्रमण के पुष्ट मामलों में से जान गंवाने वालों की दर अमेरिका और भारत में समान है। यह 3.4 फीसद है। वहीं प्रति एक लाख की आबादी पर अमेरिका में 7.19 फीसद लोगों ने जान गंवाई है तो भारत में प्रति लाख लोगों पर 0.03 फीसद लोगों की जान गई है।

एक दिन में सबसे ज्यादा नए मामलों वाले राज्य

राज्य नए मामले कुल मामले
महाराष्ट्र 350 2684
राजस्थान 108 1005
मध्य प्रदेश 86 739
गुजरात 78 650
दिल्ली 51 1561

(नोट - आंकड़े 14 अप्रैल 2020 तक के हैं।)

तब्लीगी जमात की वजह से तेजी से बढ़े मामले

भारत में कोरोना वायरस के तेजी से फैलने की मुख्य वजह दिल्ली के निजामुद्दीन क्षेत्र में स्थिति मरकज में हजारों की संख्या में एकत्र हुए तब्लीगी जमातियों को माना जा रहा है। यहां हजारों की संख्या में तब्लीगी जमात से जुड़े हुए देश-दुनिया के मुस्लिम मौजूद थे। जिस वक्त इन लोगों  को मरकज से बाहर निकाला गया, इनकी संख्या तकरीबन ढाई हजार थी। उससे पहले मरकज से हजारों की संख्या में तब्लीगी देश के कोने-कोने में पहुंच चुके थे। इनके साथ ही कोरोना वायरस भी कई ऐसे राज्यों में पहुंच गया, जहां एक भी केस नहीं था। तब्लीगी जमातियों का मामला सामने आने के बाद से ही देश में कोरोना मरीजों की संख्या में बेतहासा वृद्धि हो रही है।

Posted By: Amit Singh

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