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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 09, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों से कहा, छह मार्च तक पहली डोज देने का काम करें पूरा, टीकाकरण से 97 फीसद लोग हैं संतुष्ट

By Dhyanendra Singh ChauhanEdited By:
Published: Tue, 09 Feb 2021 04:59 PM (IST)Updated: Tue, 09 Feb 2021 09:22 PM (IST)

राजेश भूषण ने साफ कर दिया कि मॉपअप राउंड के बाद भी वैक्सीन नहीं लगवाने वाले स्वास्थ्यकर्मी और फ्रंटलाइन वर्कर्स ...और पढ़ें

देश में 16 जनवरी से शुरू किया गया कोरोना का टीकाकरण
देश में 16 जनवरी से शुरू किया गया कोरोना का टीकाकरण

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए टीकाकरण अभियान को गति देते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीन की पहली डोज देने की समय सीमा तय कर दी है। राज्यों को भेजे गए निर्देश में स्वास्थ्य मंत्रालय ने साफ कर दिया कि पहले से पंजीकृत स्वास्थ्यकर्मियों को वैक्सीन की पहली डोज देने का काम 24 फरवरी तक और फ्रंटलाइन वर्कर्स का टीकाकरण छह मार्च तक किसी भी स्थिति में पूरा कर लिया जाए। मंत्रालय के मुताबिक स्वास्थ्यकर्मियों के टीकाकरण में बिहार देश में सबसे आगे है।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण के अनुसार राज्यों को 17 जनवरी को ही स्वास्थ्यकर्मियों के टीकाकरण का काम 20 फरवरी तक पूरा करने को कहा गया था। इसके बावजूद भी यदि कुछ स्वास्थ्यकर्मी छूट जाते हैं, तो राज्यों को उनके लिए विशेष मॉपअप राउंड की सुविधा देने को कहा गया है, जिसमें वो वैक्सीन ले सकेंगे। लेकिन 24 फरवरी के बाद उनके लिए कोई मॉपअप राउंड भी नहीं होगा। इसी तरह फ्रंट लाइन वर्कर्स के लिए तय समय के अनुसार वैक्सीन लेने की तारीख एक मार्च और मॉपअप राउंड छह मार्च निश्चित कर दी गई है।

स्वास्थ्यकर्मी और फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए नहीं चलाया जाएगा विशेष अभियान

राजेश भूषण ने साफ कर दिया कि मॉपअप राउंड के बाद भी वैक्सीन नहीं लगवाने वाले स्वास्थ्यकर्मी और फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए विशेष अभियान नहीं चलाया जाएगा और उन्हें अपनी आयु के हिसाब से प्राथमिकता वाले समूह के साथ ही वैक्सीन लगवानी होगी। यानी 50 साल से अधिक उम्र के स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंट लाइन वर्कर्स को उसी आयु वर्ग के प्राथमिकता वाले समूह के साथ वैक्सीन दी जाएगी। वैक्सीन लेने में कुछ स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स की उदासीनता को देखते हुए समय सीमा तय करने को अहम माना जा रहा है।

76 फीसद हेल्थ केयर वर्कर्स को लगाई जा चुकी है वैक्सीन

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार पूरे देश में बिहार स्वास्थ्यकर्मियों को वैक्सीन लगाने में पहले स्थान पर है। यहां अभी तक 78 फीसद से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों को वैक्सीन की पहली डोज दी जा चुकी है। जबकि उत्तर प्रदेश में 68 फीसद और मध्य प्रदेश में 76 फीसद हेल्थ केयर वर्कर्स को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। राजेश भूषण ने कहा कि 12 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ऐसे हैं जिनमें 65 फीसद से अधिक हेल्थ केयर वर्कर्स को वैक्सीन दी जा चुकी है। जबकि 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 40 फीसद से कम हेल्थ केयर वर्कर्स को टीका लगाया गया है। दिल्ली में यह आंकड़ा 38.9 फीसद है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण में पीछे छूट गए राज्यों से बातचीत की जा रही है, ताकि इसमें तेजी लाई जा सके।