आइजल। चार राज्यों में मिली करारी शिकस्त के बाद मिजोरम ने कांग्रेस के आंसू पोछने का काम किया है। कांग्रेस सुप्रीमो सोनिया गांधी के जन्मदिन पर आए मिजोरम विधानसभा चुनाव नतीजों में पार्टी जबरदस्त बहुमत हासिल करने में कामयाब रही है। राज्य की कुल 40 में 33 सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है। विपक्षी मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) को पांच सीटों से ही संतोष करना पड़ा है, जबकि मिजोरम पीपुल्स कांफ्रेंस (एमपीसी) के खाते में एक सीट आई है। 17 प्रत्याशियों के साथ मैदान में उतरने वाली भाजपा और दो सीटों पर दांव लगाने वाली राकांपा को कोई सफलता नहीं मिल पाई।

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इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में खराबी के कारण एक सीट पर 11 दिसंबर को दोबारा मतदान होगा, जिनकी गिनती 12 को होगी। मिजोरम में कांग्रेस लगातार पांचवीं बार सरकार बनाने को तैयार है। एक्जिट पोल के अनुमानों को धता बताते कहीं बेहतर नतीजों से उत्साहित राज्य के मुख्यमंत्री लाल थानहवला ने कहा, 'मैं राज्य में अगली सरकार बनाने जा रहा हूं।' थानहवला ने सरचिप और हरंगतुरजू सीटों पर जीत दर्ज की है।

सरचिप सीट से 1978 से लगातार नौ बार जीत दर्ज करने वाले लाल थानहवला अपने नजदीकी प्रतिद्वंद्वी एमएनएफ के लारामजउवा से महज 734 मतों से जीते। मौजूदा सरकार के 11 मंत्रियों में नौ ने अपनी जगह सुरक्षित रखने में कामयाबी हासिल की है। पिछले चुनावों से महज दो सीट ज्यादा हासिल करने वाली एमएनएफ पांच सीटों के साथ कांग्रेस से बहुत पीछे छूट गई है।

पार्टी के राज्यसभा सदस्य एल. लाइना को भी कांग्रेस प्रत्याशी के. लालरिंनथांगा ने हार का स्वाद चखा दिया है। मिजोरम डेमोक्रेटिक अलांयस के मारालैंड डेमोक्रेटिक फ्रंट का खाता भी नहीं खुला।

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